📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Calistemon
बिज़नेस
चुनाव के कारण बड़े बढ़ाव पर रोक, कई राज्यों में बिजली टैरिफ बढ़े
✍️ Livemint
🗓 25 अग. 2026, 08:23 AM
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कई राज्य बिजली नियामकों ने चुनाव‑संबंधी प्रतिबंधों के कारण बड़े बढ़ाव नहीं कर पाते हुए मामूली टैरिफ वृद्धि को मंजूरी दी।
कई राज्य बिजली नियामक आयोगों ने ऑपरेशनल लागत में बढ़ोतरी को दर्शाते हुए मामूली टैरिफ वृद्धि की घोषणा की, जिससे यह पहले की स्थगित समायोजन के बाद पहली प्रमुख बढ़ोतरी बन गई।
इन राज्यों में चल रहे चुनावी चक्र ने उन बड़े टैरिफ संशोधनों को रोक दिया था, जिन्हें उद्योग संगठनों ने पहले प्रस्तावित किया था। अधिकारियों ने बताया कि यह सीमित वृद्धि उपभोक्ता की किफ़ायती और वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाये रखने के लिए है।
उपभोक्ता समूहों ने इस क्रमिक बढ़ोतरी को स्वीकार किया, परन्तु चेतावनी दी कि यदि लागत दबाव बना रहा तो सेवा की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। नियामकों ने कहा कि चुनावी माहौल स्थिर होते ही टैरिफ की पुनः समीक्षा की जाएगी।
यह कदम बिजली की कीमतों को बाजार की वास्तविकताओं के साथ संरेखित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिससे चुनाव के दौरान राजनीतिक प्रतिक्रिया से बचा जा सके।
इन राज्यों में चल रहे चुनावी चक्र ने उन बड़े टैरिफ संशोधनों को रोक दिया था, जिन्हें उद्योग संगठनों ने पहले प्रस्तावित किया था। अधिकारियों ने बताया कि यह सीमित वृद्धि उपभोक्ता की किफ़ायती और वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाये रखने के लिए है।
उपभोक्ता समूहों ने इस क्रमिक बढ़ोतरी को स्वीकार किया, परन्तु चेतावनी दी कि यदि लागत दबाव बना रहा तो सेवा की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। नियामकों ने कहा कि चुनावी माहौल स्थिर होते ही टैरिफ की पुनः समीक्षा की जाएगी।
यह कदम बिजली की कीमतों को बाजार की वास्तविकताओं के साथ संरेखित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिससे चुनाव के दौरान राजनीतिक प्रतिक्रिया से बचा जा सके।