📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maja1407
स्थानीय
हाथी के झड़प से जूझते असम के गांव में मिट्टी के बर्तन बनाकर मिली नई उम्मीद
✍️ Mid-Day
🗓 27 अग. 2026, 02:02 PM
👁 4
असम के एक गांव में बार-बार हाथी के झड़प से आजीविका खतरे में, लोग मिट्टी के बर्तनों को नया आय स्रोत बना रहे हैं।
असम के एक छोटे से गांव में, जहाँ अक्सर जंगली हाथी आते हैं, फसलों को नुकसान और सुरक्षा की चिंता बनी रहती थी।
इसी चुनौती का सामना करने के लिए गाँव वालों ने मिट्टी के बर्तन बनाना अपनाया, स्थानीय कारीगरों से सीखकर छोटे कार्यशालाएँ स्थापित कीं और निकटवर्ती बाजारों में अपनी कारीगरी बेचने लगे।
पॉटरी से मिलने वाली अतिरिक्त आय ने कृषि पर निर्भरता घटाई, आर्थिक स्थिरता लाई और हाथी के झड़प से उत्पन्न निराशा के बीच नई आशा का संचार किया।
इसी चुनौती का सामना करने के लिए गाँव वालों ने मिट्टी के बर्तन बनाना अपनाया, स्थानीय कारीगरों से सीखकर छोटे कार्यशालाएँ स्थापित कीं और निकटवर्ती बाजारों में अपनी कारीगरी बेचने लगे।
पॉटरी से मिलने वाली अतिरिक्त आय ने कृषि पर निर्भरता घटाई, आर्थिक स्थिरता लाई और हाथी के झड़प से उत्पन्न निराशा के बीच नई आशा का संचार किया।