📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / David Wright
अपराध
संदेहियों की भागने की कवर‑अप के लिए सीसीटीवी फुटेज हटाने वाले पुलिस अधिकारी पर मामला दर्ज
✍️ ThePrint
🗓 07 नव. 2026, 08:25 AM
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एक पुलिस अधिकारी पर संदेहित अपराधी के भागने को छुपाने के लिये पुलिस स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज हटाने का आरोप लगाकर मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस विभाग ने एक कांस्टेबल के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है, जिस पर पुलिस स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज को हटाने का आरोप है। जांच में बताया गया है कि अधिकारी ने जानबूझकर वह वीडियो मिटा दिया, जिसमें संदेहित अपराधी के स्टेशन से भागते हुए दृश्य दर्ज थे।
जांच के अनुसार, इस हटाने का मकसद संदेहित को पकड़े जाने से बचाना और फुटेज को साक्ष्य के रूप में उपयोग होने से रोकना था। इस कार्रवाई से महत्वपूर्ण दृश्य साक्ष्य की श्रृंखला में बाधा उत्पन्न हुई।
अधिकारियों ने भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की उन धाराों का हवाला दिया, जो साक्ष्य में छेड़छाड़ और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के विनाश को दंडनीय बनाती हैं। अब उस कांस्टेबल को आपराधिक मुकदमा और आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखना पारदर्शिता और जवाबदेही के लिये कानूनी दायित्व है। यह मामला निगरानी प्रणाली के दुरुपयोग और कड़ी निगरानी की आवश्यकता को उजागर करता है।
जांच जारी है और न्यायिक प्रक्रिया के साथ आगे की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
जांच के अनुसार, इस हटाने का मकसद संदेहित को पकड़े जाने से बचाना और फुटेज को साक्ष्य के रूप में उपयोग होने से रोकना था। इस कार्रवाई से महत्वपूर्ण दृश्य साक्ष्य की श्रृंखला में बाधा उत्पन्न हुई।
अधिकारियों ने भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की उन धाराों का हवाला दिया, जो साक्ष्य में छेड़छाड़ और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के विनाश को दंडनीय बनाती हैं। अब उस कांस्टेबल को आपराधिक मुकदमा और आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखना पारदर्शिता और जवाबदेही के लिये कानूनी दायित्व है। यह मामला निगरानी प्रणाली के दुरुपयोग और कड़ी निगरानी की आवश्यकता को उजागर करता है।
जांच जारी है और न्यायिक प्रक्रिया के साथ आगे की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।