📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / David Wright
अपराध
साक्षी वीडियो हटाने के लिए पुलिस अधिकारी पर मामला दर्ज
✍️ Mathrubhumi English
🗓 07 नव. 2026, 10:53 AM
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एक पुलिस अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी के भागने को छुपाने के लिए पुलिस स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज हटाई, जिससे मामला दर्ज हुआ।
एक पुलिस अधिकारी को तब दर्ज किया गया जब जांचकर्ताओं ने पाया कि पुलिस स्टेशन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को जानबूझकर हटाया गया था। यह हटाना उस आरोपी के भागने को छुपाने के इरादे से किया गया प्रतीत होता है, जो पुलिस हिरासत में था।
मैथरुबुमी इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी के इस कार्य को प्रक्रिया के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखा गया और इसके कारण एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि फुटेज कैसे हटाई गई और क्या अन्य अधिकारियों की भागीदारी थी।
क़ानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सबूत, विशेषकर निगरानी सामग्री, में छेड़छाड़ करना न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता को कमजोर करता है। यह मामला पूरे देश में पुलिस रिकॉर्ड‑कीपिंग की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।
अधिकारी का नाम और पुलिस स्टेशन का स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया है, पर इस घटना ने पुलिस सबूतों के पारदर्शी प्रबंधन की मांग को तीव्र किया है।
विरोधी अधिकारी को भारतीय दंड संहिता के तहत सबूत नष्ट करने और न्याय में बाधा डालने के प्रावधानों के तहत आरोपित किया गया है और वह निकट भविष्य में न्यायालय में पेश होगा।
मैथरुबुमी इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी के इस कार्य को प्रक्रिया के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखा गया और इसके कारण एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि फुटेज कैसे हटाई गई और क्या अन्य अधिकारियों की भागीदारी थी।
क़ानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सबूत, विशेषकर निगरानी सामग्री, में छेड़छाड़ करना न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता को कमजोर करता है। यह मामला पूरे देश में पुलिस रिकॉर्ड‑कीपिंग की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।
अधिकारी का नाम और पुलिस स्टेशन का स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया है, पर इस घटना ने पुलिस सबूतों के पारदर्शी प्रबंधन की मांग को तीव्र किया है।
विरोधी अधिकारी को भारतीय दंड संहिता के तहत सबूत नष्ट करने और न्याय में बाधा डालने के प्रावधानों के तहत आरोपित किया गया है और वह निकट भविष्य में न्यायालय में पेश होगा।