📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Presidential Press and Information Office
विदेश
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को थिरुक्रम के बारे में बताया
✍️ Thanthi TV
🗓 12 सित. 2026, 04:37 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक राजनयिक बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्राचीन तमिल ग्रंथ थिरुक्रम की शिक्षाएँ समझाईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालिया राजनयिक मुलाक़ात के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल शास्त्र थिरुक्रम के बारे में बताया, यह जानकारी थांथी टीवी ने प्रकाशित की। यह बातचीत भारत‑रूस के व्यापक वार्तालाप के हिस्से के रूप में हुई, जिसमें सांस्कृतिक संबंधों को भी महत्व दिया गया।
मोदी ने थिरुक्रम में निहित नैतिक और सामाजिक सिद्धांतों को उजागर किया, कहा कि यह ग्रंथ सद्गुण, धन और प्रेम जैसे विषयों पर सार्वभौमिक संदेश देता है, जो विभिन्न संस्कृतियों में लागू हो सकता है। उन्होंने इसे भारत की समृद्ध साहित्यिक धरोहर के एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
यह सांस्कृतिक आदान‑प्रदान दो देशों के बीच सॉफ्ट डिप्लोमेसी का एक हिस्सा माना गया, जिससे लोगों के बीच समझ और मित्रता को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक पहल औपचारिक समझौतों को पूरक करती है और आपसी भरोसे को मजबूत करती है।
हालाँकि इस बैठक से कोई विशेष नीति निर्णय नहीं निकला, लेकिन दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुलाक़ात के अंत में थिरुक्रम को साझा करने के लिए आपसी सराहना दिखाई गई।
यह घटना थांथी टीवी द्वारा प्रसारित की गई, जिसमें मोदी के बयानों और पुतिन के साथ थिरुक्रम की चर्चा को दिखाया गया।
मोदी ने थिरुक्रम में निहित नैतिक और सामाजिक सिद्धांतों को उजागर किया, कहा कि यह ग्रंथ सद्गुण, धन और प्रेम जैसे विषयों पर सार्वभौमिक संदेश देता है, जो विभिन्न संस्कृतियों में लागू हो सकता है। उन्होंने इसे भारत की समृद्ध साहित्यिक धरोहर के एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
यह सांस्कृतिक आदान‑प्रदान दो देशों के बीच सॉफ्ट डिप्लोमेसी का एक हिस्सा माना गया, जिससे लोगों के बीच समझ और मित्रता को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक पहल औपचारिक समझौतों को पूरक करती है और आपसी भरोसे को मजबूत करती है।
हालाँकि इस बैठक से कोई विशेष नीति निर्णय नहीं निकला, लेकिन दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुलाक़ात के अंत में थिरुक्रम को साझा करने के लिए आपसी सराहना दिखाई गई।
यह घटना थांथी टीवी द्वारा प्रसारित की गई, जिसमें मोदी के बयानों और पुतिन के साथ थिरुक्रम की चर्चा को दिखाया गया।