📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
राजनीति
पीएम मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं
✍️ Times of India
🗓 13 सित. 2026, 06:09 PM
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तीन‑दिन के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिससे भारत की कूटनीति में तेज़ी आई।
तीन‑दिन के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने एक व्यस्त कूटनीतिक मंच प्रदान किया, जहाँ विश्व के प्रमुख नेता और वरिष्ठ अधिकारी वैश्विक एवं क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर चर्चा करने एकत्र हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर सम्मेलन के साइडलाइन पर पंद्रह द्विपक्षीय बैठकों की एक माराथन चलायी, जिसका उद्देश्य सहयोग को विभिन्न क्षेत्रों में गहरा करना था।
इन बैठकों में मोदी ने ब्रिक्स सदस्य देशों और अन्य साझेदार राष्ट्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जहाँ व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और रणनीतिक समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इस तीव्र कार्यक्रम ने भारत की विदेश नीति को आगे बढ़ाने में मोदी की दृढ़ता को उजागर किया।
विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की कूटनीतिक दौड़ भारत की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ संबंध मजबूत करने और बहुपक्षीय मंचों में प्रमुख भूमिका निभाने की इच्छा को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। इन द्विपक्षीय सत्रों से आने वाले हफ्तों में ठोस समझौतों की उम्मीद की जा रही है, जो भारत की आर्थिक और भू‑राजनीतिक पहुँच को और सुदृढ़ करेंगे।
यह कूटनीतिक माराथन प्रधानमंत्री की सक्रिय आउटरीच की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जहाँ उच्च‑प्रोफ़ाइल अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का उपयोग साझेदारियों को सुरक्षित करने के लिए किया जाता है, जो भारत के विकास और सुरक्षा लक्ष्यों के साथ मेल खाते हैं।
इन बैठकों में मोदी ने ब्रिक्स सदस्य देशों और अन्य साझेदार राष्ट्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जहाँ व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और रणनीतिक समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इस तीव्र कार्यक्रम ने भारत की विदेश नीति को आगे बढ़ाने में मोदी की दृढ़ता को उजागर किया।
विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की कूटनीतिक दौड़ भारत की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ संबंध मजबूत करने और बहुपक्षीय मंचों में प्रमुख भूमिका निभाने की इच्छा को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। इन द्विपक्षीय सत्रों से आने वाले हफ्तों में ठोस समझौतों की उम्मीद की जा रही है, जो भारत की आर्थिक और भू‑राजनीतिक पहुँच को और सुदृढ़ करेंगे।
यह कूटनीतिक माराथन प्रधानमंत्री की सक्रिय आउटरीच की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जहाँ उच्च‑प्रोफ़ाइल अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का उपयोग साझेदारियों को सुरक्षित करने के लिए किया जाता है, जो भारत के विकास और सुरक्षा लक्ष्यों के साथ मेल खाते हैं।