📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
टेक्नोलॉजी
प्रधानमंत्री मोदी: भारत के लिए AI 'सबको समाहित' और मानव-केंद्रित होनी चाहिए
✍️ TOI India
🗓 19 जून 2026, 03:01 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का विकास 'सबको समाहित' करने वाला और मानव-केंद्रित होना चाहिए। ध्यान सभी नागरिकों के लाभ के लिए AI का उपयोग करने पर होना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के लिए एक दृष्टिकोण स्पष्ट किया है, यह कहते हुए कि इसके विकास को 'सबको समाहित' करने वाला होना चाहिए। यह दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के महत्व पर प्रकाश डालता है कि AI प्रौद्योगिकी में प्रगति समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करे।
मोदी ने आगे इस बात पर जोर दिया कि AI पहलों को मौलिक रूप से मानव-केंद्रित होना चाहिए। इसका मतलब है कि AI विकास का प्राथमिक लक्ष्य मानव क्षमताओं और कल्याण को बढ़ाना होना चाहिए, न कि अपने आप में प्रौद्योगिकी का पीछा करना। ध्यान उन व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर है जो सामाजिक आवश्यकताओं को संबोधित करते हैं और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करते हैं।
प्रधानमंत्री की टिप्पणियां AI को अपनाने में भारत की रणनीतिक दिशा को रेखांकित करती हैं, जिसमें नैतिक विचारों और इसके लाभों तक समान पहुंच को प्राथमिकता दी जाती है। समावेशिता और मानव-केंद्रितता पर जोर एक ऐसे भविष्य को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है जहां AI पूरे राष्ट्र के लिए सशक्तिकरण और प्रगति के एक उपकरण के रूप में काम करे।
मोदी ने आगे इस बात पर जोर दिया कि AI पहलों को मौलिक रूप से मानव-केंद्रित होना चाहिए। इसका मतलब है कि AI विकास का प्राथमिक लक्ष्य मानव क्षमताओं और कल्याण को बढ़ाना होना चाहिए, न कि अपने आप में प्रौद्योगिकी का पीछा करना। ध्यान उन व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर है जो सामाजिक आवश्यकताओं को संबोधित करते हैं और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करते हैं।
प्रधानमंत्री की टिप्पणियां AI को अपनाने में भारत की रणनीतिक दिशा को रेखांकित करती हैं, जिसमें नैतिक विचारों और इसके लाभों तक समान पहुंच को प्राथमिकता दी जाती है। समावेशिता और मानव-केंद्रितता पर जोर एक ऐसे भविष्य को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है जहां AI पूरे राष्ट्र के लिए सशक्तिकरण और प्रगति के एक उपकरण के रूप में काम करे।