📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anukriti Pandey
राजनीति
पीके ने कहा, सरकार का चरित्र बदले बिना बिहार में अपराध‑मुक्ति असंभव, समस्तीपुर में छात्रा के वीडियो के बाद
✍️ Amar Ujala · Darbhanga
🗓 24 सित. 2026, 08:16 PM
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समस्तीपुर में नाबालिग छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद, राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल गिरफ्तारियों से अपराध नहीं रुकेंगे।
प्रसिद्ध राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने समस्तीपुर में नाबालिग छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार के चरित्र और जवाबदेही में मूलभूत बदलाव के बिना बिहार में अपराध‑मुक्ति संभव नहीं है।
किशोर ने कहा कि केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना भविष्य में अपराध को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पुलिसिंग व्यवस्था में सुधार, निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने और पीड़ितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले पारदर्शी शासन की माँग की।
इन टिप्पणियों को पटना में एक प्रेस मीटिंग के दौरान दिया गया, जहाँ उन्होंने राज्य सरकार से कानून‑प्रवर्तन बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने और निष्पक्ष, तेज़ जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने दोहराया कि नागरिकों की स्थायी सुरक्षा के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और संस्थागत परिवर्तन दोनों आवश्यक हैं।
समस्तीपुर के इस मामले ने पहले ही जनआंदोलन को जन्म दिया है, स्थानीय NGOs ने पूरी जांच और नाबालिगों के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की है। अधिकारियों ने जांच की घोषणा की है, परंतु किशोर ने चेतावनी दी कि व्यापक सुधारों के बिना ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति संभव है।
किशोर ने कहा कि केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना भविष्य में अपराध को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पुलिसिंग व्यवस्था में सुधार, निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने और पीड़ितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले पारदर्शी शासन की माँग की।
इन टिप्पणियों को पटना में एक प्रेस मीटिंग के दौरान दिया गया, जहाँ उन्होंने राज्य सरकार से कानून‑प्रवर्तन बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने और निष्पक्ष, तेज़ जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने दोहराया कि नागरिकों की स्थायी सुरक्षा के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और संस्थागत परिवर्तन दोनों आवश्यक हैं।
समस्तीपुर के इस मामले ने पहले ही जनआंदोलन को जन्म दिया है, स्थानीय NGOs ने पूरी जांच और नाबालिगों के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की है। अधिकारियों ने जांच की घोषणा की है, परंतु किशोर ने चेतावनी दी कि व्यापक सुधारों के बिना ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति संभव है।