📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
धर्म
उज्जैन में पितृपक्ष का आरम्भ, गया कोठा से सिद्धवट तक 20 साल बाद श्रद्धालुओं की यात्रा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 26 सित. 2026, 03:00 PM
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आज से उज्जैन में पितृपक्ष शुरू, श्रद्धालु गया कोठा से सिद्धवट तक उमड़ते हुए 20 साल बाद यह दुर्लभ संयोग बना रहे हैं।
उज्जैन, जिसे उत्तर भारत का गया कहा जाता है, ने आज पितृपक्ष के आरम्भ का आधिकारिक संकेत दिया। यह पवित्र अवधि पूर्वजों को स्मरण करने के लिये पिंडदान, तर्पण और विभिन्न श्राद्ध कर्मों से भरपूर होती है।
भक्तों की यात्रा गया कोठा से शुरू होती है, जो बिहार के प्रसिद्ध गया मंदिर की समान पवित्रता रखता है। इसके बाद वे सिद्धवट की ओर बढ़ते हैं, जहाँ वटवृक्ष की छत्रछाया और पवित्र शिप्रा तट स्थित रामघाट में अनुष्ठान विशेष महत्व रखते हैं।
पिछले बीस वर्षों में इस मार्ग पर इतनी बड़ी भीड़ नहीं देखी गई थी, जिससे यह आयोजन दुर्लभ संयोग बन गया है। स्थानीय पुजारी एवं नगर प्रशासन ने यात्रियों के लिये मार्ग साफ़ किया और अस्थायी सुविधाएँ स्थापित की हैं।
पितृपक्ष के दौरान परिवार अपने पूर्वजों को अन्न, जल और प्रार्थनाओं से सम्मानित करेंगे, जिससे जीवित और मृतकों के बीच आध्यात्मिक संबंध मजबूत होगा।
भक्तों की यात्रा गया कोठा से शुरू होती है, जो बिहार के प्रसिद्ध गया मंदिर की समान पवित्रता रखता है। इसके बाद वे सिद्धवट की ओर बढ़ते हैं, जहाँ वटवृक्ष की छत्रछाया और पवित्र शिप्रा तट स्थित रामघाट में अनुष्ठान विशेष महत्व रखते हैं।
पिछले बीस वर्षों में इस मार्ग पर इतनी बड़ी भीड़ नहीं देखी गई थी, जिससे यह आयोजन दुर्लभ संयोग बन गया है। स्थानीय पुजारी एवं नगर प्रशासन ने यात्रियों के लिये मार्ग साफ़ किया और अस्थायी सुविधाएँ स्थापित की हैं।
पितृपक्ष के दौरान परिवार अपने पूर्वजों को अन्न, जल और प्रार्थनाओं से सम्मानित करेंगे, जिससे जीवित और मृतकों के बीच आध्यात्मिक संबंध मजबूत होगा।