📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Press Information Department
सरकारी योजना
पाटवारी ने 50 लाख ज़मींदारों की मुफ्त पंजीकरण में देरी, सरकार ने दिया आश्वासन
✍️ Bhaskar English
🗓 16 सित. 2026, 09:46 PM
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पाटवारी 50 लाख ज़मींदारों के मुफ्त पंजीकरण का काम करने से इनकार कर रहे हैं, सरकार ने हस्तक्षेप कर योजना को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया है।
पाटवारी ने लगभग 50 लाख ज़मींदारों के लिए मुफ्त पंजीकरण योजना को लागू करने से इनकार कर दिया है, जिससे प्रक्रिया में ठहराव आया है। अधिकारियों ने बताया कि कार्यभार और प्रक्रियात्मक समस्याओं के कारण पंजीकरण में देरी हो रही है।
राज्य स्तर पर इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया, और सरकार ने आश्वासन दिया कि योजना में कोई रुकावट नहीं आएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने कहा कि पाटवारी की शिकायतों को सुनते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा ताकि पंजीकरण समय पर पूरा हो सके।
यह मुफ्त पंजीकरण पहल भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने और छोटे व सीमांत किसानों को कानूनी स्वामित्व दस्तावेज़ प्रदान करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। योजना के सफल कार्यान्वयन से लाखों मालिकों को ऋण सुविधा में आसानी और भूमि विवादों में कमी की उम्मीद है।
किसान संगठनों ने सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की, परन्तु उन्होंने कृषि मौसम शुरू होने से पहले देरी को रोकने के लिए तेज़ कार्रवाई की मांग की है।
मंत्रालय ने निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने और भविष्य में किसी भी अड़चन को दूर करने के लिए शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करने का संकेत दिया है।
राज्य स्तर पर इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया, और सरकार ने आश्वासन दिया कि योजना में कोई रुकावट नहीं आएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने कहा कि पाटवारी की शिकायतों को सुनते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा ताकि पंजीकरण समय पर पूरा हो सके।
यह मुफ्त पंजीकरण पहल भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने और छोटे व सीमांत किसानों को कानूनी स्वामित्व दस्तावेज़ प्रदान करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। योजना के सफल कार्यान्वयन से लाखों मालिकों को ऋण सुविधा में आसानी और भूमि विवादों में कमी की उम्मीद है।
किसान संगठनों ने सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की, परन्तु उन्होंने कृषि मौसम शुरू होने से पहले देरी को रोकने के लिए तेज़ कार्रवाई की मांग की है।
मंत्रालय ने निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने और भविष्य में किसी भी अड़चन को दूर करने के लिए शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करने का संकेत दिया है।