📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sourabh.biswas003
स्थानीय
पटना के सर्राफा बाजार में धनतेरस पर हल्के ज्वेलरी की बढ़ती मांग, सोने के गिरते दाम के बीच
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 05 नव. 2026, 03:01 PM
👁 15
पटना के सर्राफा बाजार में धनतेरस पर हल्के ज्वेलरी की मांग में बढ़ोतरी, सोने के दाम में गिरावट और त्योहार के उत्साह के बीच उपभोक्ता लाभ उठा रहे हैं।
पटना के ऐतिहासिक सर्राफा बाजार, जो सोने और चांदी के व्यापार के लिए प्रसिद्ध है, धनतेरस पर हल्के ज्वेलरी की बिक्री में स्पष्ट वृद्धि का अनुभव कर रहा है। सोने के दाम में इस वर्ष हुई तेज गिरावट के कारण खरीदार छोटे और किफायती टुकड़ों में निवेश करने के लिए प्रेरित हुए हैं।
सरकार की हालिया अपील के बावजूद, जो अत्यधिक सोने की खरीद को रोकने के लिए थी, त्योहार के मौसम में पारंपरिक ज्वेलरी की मांग ने इस प्रवृत्ति को उलट दिया है। उपभोक्ता अब बाजार में जाकर सोने और चांदी के ऐसे आइटम खरीद रहे हैं जो परंपरागत और बजट‑फ्रेंडली दोनों हैं।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि चांदी की ज्वेलरी की बिक्री भी बढ़ी है, क्योंकि खरीदार सोने के विकल्प के रूप में ऐसे विकल्प ढूंढ रहे हैं जो प्रतीकात्मक मूल्य रखते हैं। इस बढ़ती भीड़ का मुख्य कारण शादी की तैयारियाँ और धनतेरस पर उपहार देने की परंपरा है।
दाम में गिरावट के बावजूद, बाजार जीवंत बना हुआ है, जहाँ विक्रेता त्योहार के माहौल को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइनों की एक श्रृंखला पेश कर रहे हैं, जो औसत उपभोक्ता के लिए लागत को नियंत्रित रखते हैं।
सरकार की हालिया अपील के बावजूद, जो अत्यधिक सोने की खरीद को रोकने के लिए थी, त्योहार के मौसम में पारंपरिक ज्वेलरी की मांग ने इस प्रवृत्ति को उलट दिया है। उपभोक्ता अब बाजार में जाकर सोने और चांदी के ऐसे आइटम खरीद रहे हैं जो परंपरागत और बजट‑फ्रेंडली दोनों हैं।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि चांदी की ज्वेलरी की बिक्री भी बढ़ी है, क्योंकि खरीदार सोने के विकल्प के रूप में ऐसे विकल्प ढूंढ रहे हैं जो प्रतीकात्मक मूल्य रखते हैं। इस बढ़ती भीड़ का मुख्य कारण शादी की तैयारियाँ और धनतेरस पर उपहार देने की परंपरा है।
दाम में गिरावट के बावजूद, बाजार जीवंत बना हुआ है, जहाँ विक्रेता त्योहार के माहौल को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइनों की एक श्रृंखला पेश कर रहे हैं, जो औसत उपभोक्ता के लिए लागत को नियंत्रित रखते हैं।