📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Krupasindhu Muduli
राजनीति
पटनायक ने कहा: ‘MMDR अधिनियम से जेन ज़ेड की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा’
✍️ orissapost.com
🗓 29 सित. 2026, 08:02 AM
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राजनीतिक नेता पटनायक ने घोषणा की है कि वह MMDR अधिनियम के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे ताकि जेन ज़ेड के भविष्य की रक्षा हो सके।
MMDR अधिनियम, डिजिटल मीडिया सामग्री को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक विवादास्पद विधेयक, देशभर में तीव्र बहस का कारण बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि यह कानून अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर सकता है और सामग्री निर्माताओं पर भारी दंड लगा सकता है।
हाल ही में पटनायक ने घोषणा की कि वह MMDR अधिनियम के खिलाफ "अंतिम सांस तक" संघर्ष करेंगे ताकि जेन ज़ेड के भविष्य की रक्षा हो सके। उन्होंने बताया कि यह कानून युवा लोगों के सूचना और रचनात्मक अभिव्यक्ति तक पहुँच पर असंगत प्रभाव डाल सकता है।
उनका यह रुख छात्र समूहों और डिजिटल अधिकार कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त कर रहा है, जबकि कुछ विधायकों का मानना है कि यह अधिनियम गलत सूचना से निपटने के लिए आवश्यक है। यह बहस विधेयक के समिति चरण में आगे बढ़ने के साथ और भी तीव्र होने की संभावना है।
नेता ने सार्वजनिक राय जुटाने और नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर अधिनियम की धाराओं को चुनौती देने की योजना बनाई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे कानूनी मार्गों से इस बिल को अदालत में चुनौती देने पर विचार कर रहे हैं।
हाल ही में पटनायक ने घोषणा की कि वह MMDR अधिनियम के खिलाफ "अंतिम सांस तक" संघर्ष करेंगे ताकि जेन ज़ेड के भविष्य की रक्षा हो सके। उन्होंने बताया कि यह कानून युवा लोगों के सूचना और रचनात्मक अभिव्यक्ति तक पहुँच पर असंगत प्रभाव डाल सकता है।
उनका यह रुख छात्र समूहों और डिजिटल अधिकार कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त कर रहा है, जबकि कुछ विधायकों का मानना है कि यह अधिनियम गलत सूचना से निपटने के लिए आवश्यक है। यह बहस विधेयक के समिति चरण में आगे बढ़ने के साथ और भी तीव्र होने की संभावना है।
नेता ने सार्वजनिक राय जुटाने और नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर अधिनियम की धाराओं को चुनौती देने की योजना बनाई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे कानूनी मार्गों से इस बिल को अदालत में चुनौती देने पर विचार कर रहे हैं।