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पत्रकार आश मोहम्मद ने दिव्यांग भाई-बहनों को पहिया वाली कुर्सी वितरित कर समाजसेवा में नई मिसाल कायम की
पत्रकार आश मोहम्मद ने नूह जिले में दिव्यांग भाई-बहनों को पहिया वाली कुर्सी बाँटकर समाजसेवा में नई मिसाल कायम की, जबकि वे सरपंची के चुनाव में भाग लेने जा रहे हैं।
पत्रकार आश मोहम्मद साहब ने आज नूह जिले में दिव्यांग भाई-बहनों को पहिया वाली कुर्सी वितरित कर समाजसेवा में नई मिसाल कायम की।
उनकी समाजसेवा की परंपरा केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं है; वे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन व अन्य जरूरी सामान बाँटते रहे हैं, जिससे उनके चेहरों पर मुस्कान आती है।
ये नेक काम वे किसी भी पद या जिम्मेदारी के मिलने से पहले ही करते आ रहे हैं। अब आश मोहम्मद साहब सरपंची के चुनाव लड़ने जा रहे हैं, और उम्मीद है कि जनता का साथ और जिम्मेदारी मिलने पर वे समाज के लिए और भी बेहतर काम कर पाएंगे।
सरपंची सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि गांव की सेवा करने की जिम्मेदारी है, और आश मोहम्मद साहब का यह कदम इस बात की पुष्टि करता है कि वे समाज के प्रति समर्पित हैं।
उनकी समाजसेवा की परंपरा केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं है; वे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन व अन्य जरूरी सामान बाँटते रहे हैं, जिससे उनके चेहरों पर मुस्कान आती है।
ये नेक काम वे किसी भी पद या जिम्मेदारी के मिलने से पहले ही करते आ रहे हैं। अब आश मोहम्मद साहब सरपंची के चुनाव लड़ने जा रहे हैं, और उम्मीद है कि जनता का साथ और जिम्मेदारी मिलने पर वे समाज के लिए और भी बेहतर काम कर पाएंगे।
सरपंची सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि गांव की सेवा करने की जिम्मेदारी है, और आश मोहम्मद साहब का यह कदम इस बात की पुष्टि करता है कि वे समाज के प्रति समर्पित हैं।