Education
पटना में BPSC अभ्यर्थियों का हल्लाबोल, परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग
Watch on:
▶️ YouTube
**“BPSC पर फिर भड़का अभ्यर्थियों का गुस्सा: पटना में सड़क पर उतरे छात्र, परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम की मांग”**
बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को BPSC और दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्रों ने 70वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा और बिहार पुलिस दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग थी कि दोनों परीक्षाओं से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर परीक्षा दोबारा आयोजित की जाए। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलना जरूरी है।
अभ्यर्थी गांधी मैदान क्षेत्र से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बनी और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की खबर सामने आई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया गया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार और आयोग से स्पष्ट जवाब की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों का स्थायी समाधान जरूरी है।
मामले ने एक बार फिर बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर बहस तेज कर दी है।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग थी कि दोनों परीक्षाओं से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर परीक्षा दोबारा आयोजित की जाए। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलना जरूरी है।
अभ्यर्थी गांधी मैदान क्षेत्र से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बनी और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की खबर सामने आई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया गया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार और आयोग से स्पष्ट जवाब की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों का स्थायी समाधान जरूरी है।
मामले ने एक बार फिर बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर बहस तेज कर दी है।