🔥 TRENDING India to Host 'Taraang Shakti' Air Exe... અંબાજી સેવા કેમ્પનું આયોજન રામપુરા અને... Nagarjuna’s Lost in Badami; Villagers’... कर्मा पुजा को लेकर स्नान करने गए 6बच्च... ભરૂચમાં ચાર દુકાનોમાં એક્સપાયર્ડ માલ વ... छात्रों के लिए प्रेरणादायक वीडियो जारी
22 Sep 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
पटना एम्स में आपदाप्रबंधन को लेकर सम्मेलनायोजित
Health

पटना एम्स में आपदाप्रबंधन को लेकर सम्मेलनायोजित

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 08 Aug 2026, 08:40 AM 👁 80
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

पटना एम्स में आपदा प्रतिरोधीअस्पतालोंक्षेत्रीय कार्यशाला हुआ संपन्न

एम्स पटना में आपदा प्रतिरोधी अस्पतालों पर क्षेत्रीय कार्यशाला संपन्न, स्वास्थ्य आपातकालीन तैयारियों को मजबूत बनाने पर जोर



प्राकृतिक आपदाओं, महामारी और अन्य स्वास्थ्य आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला "डिजास्टर रेजिलिएंट हॉस्पिटल्स" का शुक्रवार को समापन हुआ। अस्पताल प्रशासन विभाग, एम्स पटना द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ तथा एम्स नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में स्वास्थ्य प्रशासकों, अस्पताल प्रबंधकों, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों, इंजीनियरों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया।
कार्यशाला के तहत "बिल्डिंग डिजास्टर रेजिलिएंट हॉस्पिटल्स फॉर ए सेफर फ्यूचर" विषय पर ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षकों को तैयार करना था जो आगे विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत बना सकें।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर डीन (अकादमिक) प्रो. (डॉ.) पूनम प्रसाद भदानी, डीन (अनुसंधान) प्रो. (डॉ.) संजय पांडेय, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) प्रशांत कुमार सिंह, एम्स नई दिल्ली के प्रो. (डॉ.) विजयदीप सिद्धार्थ तथा एनआईटी हमीरपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हेमंत कुमार विनायक भी मौजूद रहे। कार्यशाला का आयोजन अस्पताल प्रशासन विभाग, एम्स पटना के अतिरिक्त प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा के सक्रिय समन्वय में किया गया।
अपने संबोधन में प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि किसी भी आपदा के समय अस्पतालों का बिना रुके काम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मजबूत और आपदा प्रतिरोधी अस्पताल ही संकट के समय लोगों को समय पर और बेहतर इलाज उपलब्ध करा सकते हैं।
प्रो. (डॉ.) विजयदीप सिद्धार्थ ने कहा कि ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स मॉडल के माध्यम से देशभर में प्रशिक्षित विशेषज्ञों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा जिससे अस्पतालों की आपदा से निपटने की क्षमता और बेहतर होगी।
डॉ. सुजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि इस कार्यशाला से स्वास्थ्य संस्थानों की आपातकालीन तैयारियों को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण से अस्पतालों में सुरक्षा, बेहतर समन्वय और आपदा प्रबंधन की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने अस्पतालों की संरचनात्मक सुरक्षा, भवन सुरक्षा, आधारभूत ढांचे की मजबूती, नेतृत्व एवं प्रबंधन, अस्पताल आपदा तैयारी, हॉस्पिटल इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम, बिजनेस कंटिन्युटी प्लान, जोखिम आकलन, आपातकालीन योजना तथा रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर और विस्फोटक आपदाओं से निपटने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों ने केस स्टडी, समूह चर्चा और व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से आपदा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों को भी समझा।
कार्यशाला के सफल समापन के साथ एम्स पटना ने एक बार फिर अस्पताल प्रशासन, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य आपातकालीन तैयारियों के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। संस्थान ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव भविष्य में आपदा प्रतिरोधी अस्पतालों के विकास, स्वास्थ्य संस्थानों की आपातकालीन क्षमता बढ़ाने तथा आम लोगों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
*******
📲Get App