📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann (talk)
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दिल्ली CWC सुनवाई में माता‑पिता के बयान दर्ज नहीं हो सके
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 01 सित. 2026, 08:01 PM
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दिल्ली में हुए एक बाल कल्याण समिति की सुनवाई में माता‑पिता के बयान दर्ज नहीं हो पाने से प्रक्रिया में खामियों का सवाल उठा।
दिल्ली में बाल कल्याण समिति (CWC) की एक हालिया सुनवाई में, संबंधित माता‑पिता के बयान दर्ज नहीं किए जा सके। यह तथ्य उपस्थित लोगों ने नोट किया, क्योंकि बाल न्याय (बाल संरक्षण) अधिनियम के तहत अभिभावकों की गवाही को लिखित रूप में रखना अनिवार्य है।
CWC बच्चों के कल्याण और सुरक्षा से जुड़े मामलों का निपटारा करती है, और निर्णय लेने के लिए अभिभावकों के बयान पर निर्भर करती है। ऐसे बयान न दर्ज होने से समिति के निर्णय की वैधता पर प्रश्न उठ सकते हैं और प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
समिति के अधिकारियों ने इस चूक को स्वीकार किया और कहा कि इस घटना की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में सभी सुनवाईयों में रिकॉर्डिंग प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाएगा, जिससे बच्चों और उनके परिवारों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
CWC बच्चों के कल्याण और सुरक्षा से जुड़े मामलों का निपटारा करती है, और निर्णय लेने के लिए अभिभावकों के बयान पर निर्भर करती है। ऐसे बयान न दर्ज होने से समिति के निर्णय की वैधता पर प्रश्न उठ सकते हैं और प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
समिति के अधिकारियों ने इस चूक को स्वीकार किया और कहा कि इस घटना की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में सभी सुनवाईयों में रिकॉर्डिंग प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाएगा, जिससे बच्चों और उनके परिवारों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।