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02 नव. 2026•
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माता-पिता दोनों का प्यार बुनियादी मानवाधिकार है: झारखंड हाईकोर्ट
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Flashthomsom
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माता-पिता दोनों का प्यार बुनियादी मानवाधिकार है: झारखंड हाईकोर्ट

✍️ The Indian Express 🗓 02 नव. 2026, 02:02 PM 👁 21
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झारखंड उच्च न्यायालय ने एक कस्टडी मामले के दौरान जोर देकर कहा कि बच्चे के लिए माता-पिता दोनों का प्यार पाना एक बुनियादी मानवाधिकार है।

झारखंड उच्च न्यायालय ने बच्चे की कस्टडी से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि एक बच्चे के लिए उसके माता-पिता दोनों का स्नेह और प्यार पाना एक बुनियादी मानवाधिकार है।

यह टिप्पणी कस्टडी विवाद से संबंधित एक कानूनी सुनवाई के दौरान की गई। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चे के विकास के लिए माता-पिता दोनों की उपस्थिति और उनका भावनात्मक समर्थन आवश्यक है।

अदालत ने माता-पिता के बीच के विवादों के बजाय बच्चे के कल्याण और उसके अधिकारों को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला सुनाया।
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