Politics
• पूर्व एमएलसी हीरालाल यादव का ओपी राजभर पर तीखा तंज, बताया 'मदारी'।
नमस्कार, आप देख रहे हैं [चैनल का नाम]। उत्तर प्रदेश की सियासत से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और तीखी खबर अंबेडकरनगर से आ रही है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष और पूर्व विधान परिषद सदस्य (MLC) हीरालाल यादव ने प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और जिले के प्रभारी ओमप्रकाश राजभर पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। हीरालाल यादव ने सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर की तुलना एक 'मदारी' से कर दी है और कहा है कि वे सिर्फ बचकानी बातें करते हैं, जिन्हें कोई भी सीरियसली नहीं लेता।
दरअसल, यह पूरा मामला आलापुर विधानसभा के ग्राम इन्दौरपुर उर्फ घिनहापुर का है, जहां समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री, श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर एक विशाल श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पूर्व एमएलसी हीरालाल यादव से जब पत्रकारों ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर के उस बयान पर सवाल पूछा, जिसमें राजभर ने कहा था कि 'वह सपा के गढ़ को गड़ही बना देंगे', तो हीरालाल यादव पूरी तरह बिफर गए।
हीरालाल यादव का बयान):
सपा नेता ने दो टूक शब्दों में कहा कि सत्ता परिवर्तन के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को आगे बढ़ाने का जो बीड़ा उठाया है, उसे पूरा करने के लिए 2027 में उत्तर प्रदेश में PDA की सरकार बनाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय धार्मिक स्थल बाबा ब्रह्मचारी जी और सुरजू बाबा की तपोस्थली को नमन करते हुए कार्यकर्ताओं से बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
त्रिभुवनदत्त और सांस्कृतिक कार्यक्रम):
आपको बता दें कि इस भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता आलापुर के लोकप्रिय विधायक त्रिभुवनदत्त ने की, जबकि मंच का शानदार संचालन विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र यादव प्रधान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में उस वक्त समां बंध गया जब देश की मशहूर लोक गायिका उजाला यादव और उनकी टीम ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने अपने गीतों के जरिए समाजवादी विचारधारा और 'नेताजी' मुलायम सिंह यादव के संघर्षों को याद किया, जिसे सुनकर वहां मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं की आंखें नम हो गईं।
इस मौके पर रामनगर के ब्लॉक प्रमुख विकास यादव, प्रदेश सचिव योगेन्द्रनाथ त्रिपाठी, वरिष्ठ नेता बीरेंद्र तिवारी, पूर्व प्रमुख धर्मराज यादव, अमरजीत यादव और युवा नेता राहुलदत्त यशवर्धन सहित कई वक्ताओं ने भी मंच से संबोधित किया। सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि सामंती मानसिकता वाली इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए PDA समाज हर कुर्बानी देने को तैयार है। कार्यक्रम में एससी-एसटी आयोग की पूर्व सदस्य विद्यासिंह भारती, लालमणि गोंड, एडवोकेट मोईन खान और बिट्टू यादव समेत हजारों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
साफ है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अंबेडकरनगर में सियासी पारा पूरी तरह गरमा चुका है। अब देखना यह होगा कि सपा नेता के इस 'मदारी' वाले बयान पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की तरफ से क्या पलटवार आता है।
हीरालाल यादव का बयान):
सपा नेता ने दो टूक शब्दों में कहा कि सत्ता परिवर्तन के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को आगे बढ़ाने का जो बीड़ा उठाया है, उसे पूरा करने के लिए 2027 में उत्तर प्रदेश में PDA की सरकार बनाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय धार्मिक स्थल बाबा ब्रह्मचारी जी और सुरजू बाबा की तपोस्थली को नमन करते हुए कार्यकर्ताओं से बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
त्रिभुवनदत्त और सांस्कृतिक कार्यक्रम):
आपको बता दें कि इस भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता आलापुर के लोकप्रिय विधायक त्रिभुवनदत्त ने की, जबकि मंच का शानदार संचालन विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र यादव प्रधान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में उस वक्त समां बंध गया जब देश की मशहूर लोक गायिका उजाला यादव और उनकी टीम ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने अपने गीतों के जरिए समाजवादी विचारधारा और 'नेताजी' मुलायम सिंह यादव के संघर्षों को याद किया, जिसे सुनकर वहां मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं की आंखें नम हो गईं।
इस मौके पर रामनगर के ब्लॉक प्रमुख विकास यादव, प्रदेश सचिव योगेन्द्रनाथ त्रिपाठी, वरिष्ठ नेता बीरेंद्र तिवारी, पूर्व प्रमुख धर्मराज यादव, अमरजीत यादव और युवा नेता राहुलदत्त यशवर्धन सहित कई वक्ताओं ने भी मंच से संबोधित किया। सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि सामंती मानसिकता वाली इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए PDA समाज हर कुर्बानी देने को तैयार है। कार्यक्रम में एससी-एसटी आयोग की पूर्व सदस्य विद्यासिंह भारती, लालमणि गोंड, एडवोकेट मोईन खान और बिट्टू यादव समेत हजारों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
साफ है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अंबेडकरनगर में सियासी पारा पूरी तरह गरमा चुका है। अब देखना यह होगा कि सपा नेता के इस 'मदारी' वाले बयान पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की तरफ से क्या पलटवार आता है।