प्रदेश में 9500 निरीक्षण, 253 विक्रेताओं पर कार्रवाई
करौली | खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और निर्धारित
कीमत से अधिक वसूली करने वाले उर्वरक विक्रेताओं पर कृषि विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। प्रदेश में उर्वरक विक्रेताओं की निगरानी के लिए विशेष मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। इसके जरिए निरीक्षण की जानकारी दर्ज करने के साथ निगरानी और समीक्षा की जाएगी। विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 9500 विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया है और 253 मामलो ं में अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की गई है। करौली जिले में 716 पंजीकृत विक्रेताओं में से 242 का निरीक्षण हो चुका है। इनमें अनियमितताओं के मामलो ं में 16 विक्रेताओं के अनुज्ञा पत्र निलंबित किए गए हैं, जबकि दो मामलो ं मे ं सीजर और एफआईआर की कार्रवाई की
गई है।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद करौली धर्म सिंह मीना की ओर से 26 अक्टूबर को जारी प्रेस नोट के अनुसार, किसानों को उचित मूल्य पर
कीमत से अधिक वसूली करने वाले उर्वरक विक्रेताओं पर कृषि विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। प्रदेश में उर्वरक विक्रेताओं की निगरानी के लिए विशेष मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। इसके जरिए निरीक्षण की जानकारी दर्ज करने के साथ निगरानी और समीक्षा की जाएगी। विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 9500 विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया है और 253 मामलो ं में अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की गई है। करौली जिले में 716 पंजीकृत विक्रेताओं में से 242 का निरीक्षण हो चुका है। इनमें अनियमितताओं के मामलो ं में 16 विक्रेताओं के अनुज्ञा पत्र निलंबित किए गए हैं, जबकि दो मामलो ं मे ं सीजर और एफआईआर की कार्रवाई की
गई है।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद करौली धर्म सिंह मीना की ओर से 26 अक्टूबर को जारी प्रेस नोट के अनुसार, किसानों को उचित मूल्य पर