📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Heba Aisha
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बिहार के सारण में जमीन‑फ़्लैट रजिस्ट्री पेपरलेस, 4,200 से अधिक दस्तावेज़ ऑनलाइन
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 29 सित. 2026, 01:01 PM
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बिहार के सारण जिले में ई‑रजिस्ट्री प्रणाली ने 4,200 से अधिक जमीन‑फ़्लैट दस्तावेज़ों को ऑनलाइन दर्ज कर पेपरलेस रजिस्ट्री की दिशा में कदम बढ़ाया है।
राज्य सरकार की ई‑निबंधन प्रणाली ने अब सारण जिले में 4,200 से अधिक जमीन‑फ़्लैट रजिस्ट्री दस्तावेज़ों को ऑनलाइन दर्ज कर लिया है, जिससे कागज़ी काम खत्म हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह डिजिटल प्रक्रिया समय बचाती है और स्टैम्प वेंडरों के घोटालों को रोकती है, जो संपत्ति लेन‑देनों में अक्सर देखा जाता था।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मालिक, खरीदार और कानूनी प्रतिनिधि टाइटल डीड, सर्वे मानचित्र और पहचान प्रमाण अपलोड कर सकते हैं; इनकी जाँच के बाद रिकॉर्ड सुरक्षित सर्वर पर संग्रहीत होते हैं। स्वीकृति मिलने पर इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्र तुरंत जारी किया जाता है, जिससे पारंपरिक स्टैम्प‑पेपर रजिस्ट्री की जरूरत नहीं रहती।
राज्य ने कहा है कि अगले कुछ महीनों में इस पेपरलेस प्रणाली को सभी जिलों में लागू किया जाएगा, जिससे संपत्ति लेन‑देन तेज़ और पारदर्शी बनेंगे।
स्थानीय स्टैम्प वेंडर, जो पहले मैन्युअल रजिस्ट्री से आय कमाते थे, अब कम ग्राहक आने को लेकर चिंतित हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि उन्हें डिजिटल इकोसिस्टम में प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रमों के माध्यम से शामिल किया जाएगा।
यह कदम बिहार के व्यापक डिजिटल‑गवर्नेंस एजेंडा के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन लाना और प्रशासनिक अड़चनों को कम करना है।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मालिक, खरीदार और कानूनी प्रतिनिधि टाइटल डीड, सर्वे मानचित्र और पहचान प्रमाण अपलोड कर सकते हैं; इनकी जाँच के बाद रिकॉर्ड सुरक्षित सर्वर पर संग्रहीत होते हैं। स्वीकृति मिलने पर इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्र तुरंत जारी किया जाता है, जिससे पारंपरिक स्टैम्प‑पेपर रजिस्ट्री की जरूरत नहीं रहती।
राज्य ने कहा है कि अगले कुछ महीनों में इस पेपरलेस प्रणाली को सभी जिलों में लागू किया जाएगा, जिससे संपत्ति लेन‑देन तेज़ और पारदर्शी बनेंगे।
स्थानीय स्टैम्प वेंडर, जो पहले मैन्युअल रजिस्ट्री से आय कमाते थे, अब कम ग्राहक आने को लेकर चिंतित हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि उन्हें डिजिटल इकोसिस्टम में प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रमों के माध्यम से शामिल किया जाएगा।
यह कदम बिहार के व्यापक डिजिटल‑गवर्नेंस एजेंडा के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन लाना और प्रशासनिक अड़चनों को कम करना है।