📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
राजनीति
एमपी चुनाव आयोग में 15% कमीशन घोटाला जांचने के लिए तीन सदस्यीय पैनल
✍️ Bhaskar English
🗓 29 अग. 2026, 03:37 PM
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मध्य प्रदेश चुनाव आयोग में 15% कमीशन घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल गठित किया गया है, रिपोर्ट तीन दिनों में देनी है।
मध्य प्रदेश चुनाव आयोग में 15% कमीशन घोटाले के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल गठित किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों से बना यह पैनल तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कार्य सौंपा गया है।
ऐसे आरोप हैं कि चुनावी लेन‑देनों में 15% की निश्चित कमीशन राशि का अनुचित उपयोग हो रहा है, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की संभावना पर सवाल उठ रहे हैं। अभी तक शामिल व्यक्तियों या विभागों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर पैनल धन के प्रवाह को ट्रेस कर किसी भी नियम उल्लंघन की पहचान करेगा।
तीव्र कार्रवाई का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले चुनावी प्रणाली में भरोसा बहाल करना और भ्रष्टाचार को रोकना है। पैनल की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी, जिसके बाद सुधारात्मक कदम या कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी जांचें चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं, विशेषकर ऐसे राज्य में जहाँ चुनावी परिणाम राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करते हैं। इस जांच के परिणाम को विपक्षी दल और नागरिक समाज दोनों बारीकी से देखेंगे।
ऐसे आरोप हैं कि चुनावी लेन‑देनों में 15% की निश्चित कमीशन राशि का अनुचित उपयोग हो रहा है, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की संभावना पर सवाल उठ रहे हैं। अभी तक शामिल व्यक्तियों या विभागों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर पैनल धन के प्रवाह को ट्रेस कर किसी भी नियम उल्लंघन की पहचान करेगा।
तीव्र कार्रवाई का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले चुनावी प्रणाली में भरोसा बहाल करना और भ्रष्टाचार को रोकना है। पैनल की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी, जिसके बाद सुधारात्मक कदम या कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी जांचें चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं, विशेषकर ऐसे राज्य में जहाँ चुनावी परिणाम राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करते हैं। इस जांच के परिणाम को विपक्षी दल और नागरिक समाज दोनों बारीकी से देखेंगे।