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पंडित जसराज: भारतीय संगीत को हर पीढ़ी के लिए बढ़ती शिक्षा बनाना ज़रूरी
✍️ India Today
🗓 14 अग. 2026, 09:38 PM
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2010 के इंडिया टुडे लेख में, प्रसिद्ध गायक पंडित जसराज ने बताया कि भारतीय शास्त्रीय संगीत को एक जीवित विज्ञान के रूप में देखना चाहिए, जो हर पीढ़ी के साथ विकसित होता रहे।
पंडित जसराज, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के सबसे प्रतिष्ठित कलाकारों में से एक, ने 2010 के इंडिया टुडे लेख में यह दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने भारतीय संगीत को ‘विद्या’ के रूप में वर्णित किया, जिसे हर नई पीढ़ी के साथ बढ़ना और विकसित होना चाहिए। गुरु ने ज़ोर दिया कि परंपरा स्थिर नहीं है; यह तब फलती-फूलती है जब इसे सीखाया, प्रस्तुत किया और अगली पीढ़ी के संगीतकारों द्वारा पुनः व्याख्या किया जाता है। उनके शब्द शास्त्रीय संगीत समुदाय में सतत शिक्षा और नवाचार के महत्व को रेखांकित करते हैं। यह कथन कला को संरक्षित रखने के लिए निरंतर शिक्षण और रचनात्मक विकास की आवश्यकता की याद दिलाता है।