📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dr Shahzad Bhatti
अपराध
पाकिस्तानी हत्यारा शाहज़ाद भट्टी का ऑनलाइन आतंक नेटवर्क, भारतीय युवाओं को लुभाता
✍️ NDTV
🗓 20 अग. 2026, 06:39 AM
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NDTV Datafy की जांच से पता चला है कि पाकिस्तानी हत्यारा शाहज़ाद भट्टी ने भारतीय युवाओं को आतंकवादी कार्यों में शामिल करने के लिए एक विशाल सोशल‑मीडिया नेटवर्क तैयार किया है।
NDTV Datafy ने पाकिस्तान के हत्यारे शाहज़ाद भट्टी की डिजिटल पहचान को विस्तृत रूप से ट्रैक किया है, जो दक्षिण एशिया में उग्रवादी भर्ती का समन्वय करता है। हैशटैग, निजी समूह और विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म के लिंक को जोड़कर डेटा टीम ने एक बहु‑स्तरीय नेटवर्क का खुलासा किया, जो फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे मुख्य सोशल मीडिया से लेकर एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स तक फैला है।
रिपोर्ट से पता चलता है कि भट्टी का मुख्य तरीका भारतीय छात्रों और नव‑स्नातकों को धार्मिक वक्तव्य, आर्थिक सहायता के वादे और आकर्षक वीडियो संदेशों के माध्यम से लक्ष्य बनाना है। वह व्यक्तिगत रेफ़रल और समूह‑आधारित प्रचार का उपयोग करके धीरे‑धीरे उग्र विचारधारा को सुदृढ़ करता है।
जांच में यह भी दिखा कि इस नेटवर्क में हजारों खाते शामिल हैं, जिनमें से कई बॉट या डुप्लिकेट प्रोफ़ाइल हैं, जो संदेशों के प्रसार को तेज़ करते हैं। साथ ही, वर्तमान सामाजिक‑राजनीतिक असंतोष का फायदा उठाकर उग्र विचारों को स्थानीय संदर्भ में प्रस्तुत किया जाता है।
NDTV Datafy ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन भर्ती की यह सुविधा भारत की सुरक्षा के लिए बढ़ती चुनौती बन रही है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से डिजिटल चैनलों की कड़ी निगरानी तथा युवाओं के परिवारों से ऑनलाइन गतिविधियों पर सतर्क रहने का आग्रह किया है।
रिपोर्ट से पता चलता है कि भट्टी का मुख्य तरीका भारतीय छात्रों और नव‑स्नातकों को धार्मिक वक्तव्य, आर्थिक सहायता के वादे और आकर्षक वीडियो संदेशों के माध्यम से लक्ष्य बनाना है। वह व्यक्तिगत रेफ़रल और समूह‑आधारित प्रचार का उपयोग करके धीरे‑धीरे उग्र विचारधारा को सुदृढ़ करता है।
जांच में यह भी दिखा कि इस नेटवर्क में हजारों खाते शामिल हैं, जिनमें से कई बॉट या डुप्लिकेट प्रोफ़ाइल हैं, जो संदेशों के प्रसार को तेज़ करते हैं। साथ ही, वर्तमान सामाजिक‑राजनीतिक असंतोष का फायदा उठाकर उग्र विचारों को स्थानीय संदर्भ में प्रस्तुत किया जाता है।
NDTV Datafy ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन भर्ती की यह सुविधा भारत की सुरक्षा के लिए बढ़ती चुनौती बन रही है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से डिजिटल चैनलों की कड़ी निगरानी तथा युवाओं के परिवारों से ऑनलाइन गतिविधियों पर सतर्क रहने का आग्रह किया है।