📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
विदेश
पाकिस्तान न्यायपालिका, सेना पर यूएनएचआरसी में बलूच आवाजों को दबाने का आरोप
✍️ Latestly
🗓 28 जून 2026, 05:46 AM
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद सत्र के इतर, बलूच वॉयस एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कार्यकर्ता डॉ. महारंग बलूच को आजीवन कारावास की सजा पर पाकिस्तान की आलोचना की, इसे बलूच आकांक्षाओं का दमन बताया।
पाकिस्तान की न्यायपालिका और सेना पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बलूच आवाजों को दबाने का आरोप लगाया गया है। बलूच वॉयस एसोसिएशन (बीवीए) के अध्यक्ष मुनीर मेंगल ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 62वें सत्र के दौरान ये आरोप लगाए।
मेंगल ने विशेष रूप से बलूच अधिकार कार्यकर्ता डॉ. महारंग बलूच को सुनाई गई कथित आजीवन कारावास की सजा की निंदा की। उन्होंने इस फैसले को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बलूच लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं को दबाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास बताया।
बीवीए अध्यक्ष के ये बयान यूएनएचआरसी के चल रहे सत्र के इतर आए, जो पाकिस्तान प्रशासित बलूचिस्तान में मानवाधिकार के मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय जांच को उजागर करते हैं।
मेंगल ने विशेष रूप से बलूच अधिकार कार्यकर्ता डॉ. महारंग बलूच को सुनाई गई कथित आजीवन कारावास की सजा की निंदा की। उन्होंने इस फैसले को पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बलूच लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं को दबाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास बताया।
बीवीए अध्यक्ष के ये बयान यूएनएचआरसी के चल रहे सत्र के इतर आए, जो पाकिस्तान प्रशासित बलूचिस्तान में मानवाधिकार के मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय जांच को उजागर करते हैं।