स्थानीय
पक्षिम चंपारण के बगहा में आग लगने से तीन घर जल कर हुए राख
पक्षिम चंपारण के बगहा में आग लगने से तीन घर जल कर हुए राख
पश्चिम चम्पारण से अवनीश कुमार
पश्चिम चम्पारण के बगहा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अचानक लगी आग ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। देखते ही देखते आग की लपटों ने तीन घरों को अपनी चपेट में ले लिया और घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।
मामला बगहा प्रखंड के चन्द्रहा-रूपवलिया पंचायत के वार्ड संख्या-4 का है। यहां बिजली के शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। इस अगलगी में अहमद मियां, सराजुल मियां एवं राजुल मियां का घर पूरी तरह जलकर राख हो गया।
आग लगते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इस अगलगी में घर में रखा अनाज, तीन साइकिल, गहने, कपड़े, नकदी, चार बकरियां और मुर्गियां समेत तमाम घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गए।
वहीं, इस घटना के बाद पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गृहस्वामियों का आरोप है कि घटना के बाद अब तक प्रखंड प्रमुख, मुखिया या कोई अन्य जनप्रतिनिधि उनकी सुधि लेने नहीं पहुंचे हैं।पीड़ित गृहस्वामियों ने बताया कि घटना को लेकर स्थानीय थाना बथुवरिया में सनहा दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अग्निपीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता कब मिलेगी और बेघर हुए इन परिवारों की सुधि आखिर कौन लेगा।
पश्चिम चम्पारण के बगहा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अचानक लगी आग ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। देखते ही देखते आग की लपटों ने तीन घरों को अपनी चपेट में ले लिया और घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।
मामला बगहा प्रखंड के चन्द्रहा-रूपवलिया पंचायत के वार्ड संख्या-4 का है। यहां बिजली के शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। इस अगलगी में अहमद मियां, सराजुल मियां एवं राजुल मियां का घर पूरी तरह जलकर राख हो गया।
आग लगते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इस अगलगी में घर में रखा अनाज, तीन साइकिल, गहने, कपड़े, नकदी, चार बकरियां और मुर्गियां समेत तमाम घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गए।
वहीं, इस घटना के बाद पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गृहस्वामियों का आरोप है कि घटना के बाद अब तक प्रखंड प्रमुख, मुखिया या कोई अन्य जनप्रतिनिधि उनकी सुधि लेने नहीं पहुंचे हैं।पीड़ित गृहस्वामियों ने बताया कि घटना को लेकर स्थानीय थाना बथुवरिया में सनहा दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अग्निपीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता कब मिलेगी और बेघर हुए इन परिवारों की सुधि आखिर कौन लेगा।