पॉइंट्समैन और गेटमैन की ड्यूटी होगी आठ घंटे, रेलवे बोर्ड ने शुरू किया जॉब एनालिसिस
रेलवे में पॉइंट्समैन और ट्रैफिक गेटमैन की ड्यूटी 8 घंटे करने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। रेलवे बोर्ड ने इन कर्मचारियों के कामकाजी घंटों और कार्यभार की समीक्षा के लिए फैक्चुअल जॉब एनालिसिस कराने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने गुरुवार को सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, अभी ड्यूटी के समय में बदलाव का अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। फिलहाल कर्मचारियों के काम और जिम्मेदारियों का आकलन किया
जाएगा।
बढ़ती ट्रेनो ं से कर्मचारियो ं पर दबाव: रेलवे बोर्ड के अनुसार, रेलवे मे ं आधुनिकीकरण, ट्रेनो ं की रफ्तार में वृद्धि, ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग की शुरुआत और गाड़ियो ं की संख्या बढ़न े से पॉइंट्समैन और ट्रैफिक गेटमैन की जिम्मेदारिया ं बढ़ी हैं। इन परिस्थितियो ं में कर्मचारियो ं पर मानसिक और शारीरिक दबाव भी बढ़ रहा है। ऐस े मे ं उनके कामकाजी घंटो ं की समीक्षा जरूरी मानी जा रही है। जॉब एनालिसिस के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि अलग-अलग स्थानो ं पर कर्मचारियों को कितने समय तक और किस तरह की जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। इसके आधार पर यह आकलन होगा कि उन्हें 8 घंट े की ड्यूटी के दायरे में लाना कितना व्यावहारिक है।
व्यस्त रेल फाटकों पर पहले होगा आकलन
जाएगा।
बढ़ती ट्रेनो ं से कर्मचारियो ं पर दबाव: रेलवे बोर्ड के अनुसार, रेलवे मे ं आधुनिकीकरण, ट्रेनो ं की रफ्तार में वृद्धि, ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग की शुरुआत और गाड़ियो ं की संख्या बढ़न े से पॉइंट्समैन और ट्रैफिक गेटमैन की जिम्मेदारिया ं बढ़ी हैं। इन परिस्थितियो ं में कर्मचारियो ं पर मानसिक और शारीरिक दबाव भी बढ़ रहा है। ऐस े मे ं उनके कामकाजी घंटो ं की समीक्षा जरूरी मानी जा रही है। जॉब एनालिसिस के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि अलग-अलग स्थानो ं पर कर्मचारियों को कितने समय तक और किस तरह की जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। इसके आधार पर यह आकलन होगा कि उन्हें 8 घंट े की ड्यूटी के दायरे में लाना कितना व्यावहारिक है।
व्यस्त रेल फाटकों पर पहले होगा आकलन