राजनीति
पहले सफाई, फिर वसूली! कूड़ा संग्रहण शुल्क पर MCD की नई तैयारी
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घर-घर कूड़ा उठाने के बदले देना पड़ सकता है पैसा, MCD के प्रस्ताव पर उठे सवाल
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम (MCD) ने घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। वहीं, कूड़ा उठाने के बदले लोगों से शुल्क वसूलने की तैयारी ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, MCD के नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट उपनियम-2026 के मसौदे में कूड़ा संग्रहण शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके तहत दिल्ली की कॉलोनियों को दो श्रेणियों में बांटकर शुल्क तय करने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में A से D श्रेणी की कॉलोनियों के लिए अधिक और E से H श्रेणी की कॉलोनियों के लिए अपेक्षाकृत कम शुल्क रखने की योजना है। हालांकि, अंतिम दरों और लागू होने की तारीख पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
रिपोर्टों के मुताबिक, छोटे आवासीय मकानों के लिए प्रस्तावित शुल्क लगभग 40 से 75 रुपये प्रतिमाह से शुरू हो सकता है, जबकि बड़े मकानों के लिए राशि अधिक हो सकती है। ये दरें प्रस्तावित हैं, अंतिम रूप से लागू दरें नहीं हैं।
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में भी MCD ने प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कूड़ा संग्रहण शुल्क वसूलने की व्यवस्था शुरू की थी। विरोध के बाद जून 2025 में पोर्टल पर इसका भुगतान वैकल्पिक कर दिया गया था। अब नए नियमों के तहत इस व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जा रही है।
सफाई व्यवस्था पहले दुरुस्त करने की मांग
इस प्रस्ताव के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि लोगों से कूड़ा उठाने का शुल्क लिया जाता है, तो क्या उन्हें नियमित और प्रभावी डोर-टू-डोर सेवा भी मिलेगी? दिल्ली के कई इलाकों में लोग पहले से ही निजी सफाईकर्मियों को कूड़ा उठाने के लिए भुगतान करते हैं। ऐसे में दोहरी वसूली की आशंका और सेवा की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अब दिल्लीवासियों की निगाहें MCD की आगामी नीति पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि निगम शुल्क संबंधी अंतिम फैसला लेने से पहले नियमित कूड़ा संग्रहण, समय पर गाड़ियों की उपलब्धता और सड़कों पर कचरे के ढेर खत्म करने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, MCD के नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट उपनियम-2026 के मसौदे में कूड़ा संग्रहण शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके तहत दिल्ली की कॉलोनियों को दो श्रेणियों में बांटकर शुल्क तय करने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में A से D श्रेणी की कॉलोनियों के लिए अधिक और E से H श्रेणी की कॉलोनियों के लिए अपेक्षाकृत कम शुल्क रखने की योजना है। हालांकि, अंतिम दरों और लागू होने की तारीख पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
रिपोर्टों के मुताबिक, छोटे आवासीय मकानों के लिए प्रस्तावित शुल्क लगभग 40 से 75 रुपये प्रतिमाह से शुरू हो सकता है, जबकि बड़े मकानों के लिए राशि अधिक हो सकती है। ये दरें प्रस्तावित हैं, अंतिम रूप से लागू दरें नहीं हैं।
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में भी MCD ने प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कूड़ा संग्रहण शुल्क वसूलने की व्यवस्था शुरू की थी। विरोध के बाद जून 2025 में पोर्टल पर इसका भुगतान वैकल्पिक कर दिया गया था। अब नए नियमों के तहत इस व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जा रही है।
सफाई व्यवस्था पहले दुरुस्त करने की मांग
इस प्रस्ताव के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि लोगों से कूड़ा उठाने का शुल्क लिया जाता है, तो क्या उन्हें नियमित और प्रभावी डोर-टू-डोर सेवा भी मिलेगी? दिल्ली के कई इलाकों में लोग पहले से ही निजी सफाईकर्मियों को कूड़ा उठाने के लिए भुगतान करते हैं। ऐसे में दोहरी वसूली की आशंका और सेवा की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अब दिल्लीवासियों की निगाहें MCD की आगामी नीति पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि निगम शुल्क संबंधी अंतिम फैसला लेने से पहले नियमित कूड़ा संग्रहण, समय पर गाड़ियों की उपलब्धता और सड़कों पर कचरे के ढेर खत्म करने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।