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पीएमएफएमई योजना से सतीश चंद्र गुप्ता बने उद्यमी, 12 टन क्षमता की राइस मिल स्थापित
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत सतीश चंद्र गुप्ता ने 21 लाख रुपये की लागत से 12 टन क्षमता की राइस मिल स्थापित कर स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है।
शासन की स्वरोजगार योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें उद्यमी के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के माध्यम से हितग्राही स्वयं का उद्योग स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं। इसी कड़ी में सतीश चंद्र गुप्ता ने पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर राइस मिल स्थापित की है।
उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग के माध्यम से 21 लाख रुपये की परियोजना पर 17 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर 12 टन क्षमता की राइस मिल स्थापित की है। इस परियोजना में उन्हें 35 प्रतिशत अर्थात 7.35 लाख रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है। सतीश चंद्र गुप्ता ने बताया कि योजना के सहयोग से स्वयं का उद्यम स्थापित करने का सपना साकार हुआ है।
इससे उन्हें स्वरोजगार प्राप्त हुआ है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस उद्यम की स्थापना से न केवल वे स्वयं आत्मनिर्भर बन सकेंगे, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकेंगे। उन्होंने शासन की इस योजना को स्वरोजगार स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि पीएमएफएमई योजना से छोटे उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में सहायता मिल रही है। यह योजना युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय उद्यमी बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग के माध्यम से 21 लाख रुपये की परियोजना पर 17 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर 12 टन क्षमता की राइस मिल स्थापित की है। इस परियोजना में उन्हें 35 प्रतिशत अर्थात 7.35 लाख रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है। सतीश चंद्र गुप्ता ने बताया कि योजना के सहयोग से स्वयं का उद्यम स्थापित करने का सपना साकार हुआ है।
इससे उन्हें स्वरोजगार प्राप्त हुआ है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस उद्यम की स्थापना से न केवल वे स्वयं आत्मनिर्भर बन सकेंगे, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकेंगे। उन्होंने शासन की इस योजना को स्वरोजगार स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि पीएमएफएमई योजना से छोटे उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में सहायता मिल रही है। यह योजना युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय उद्यमी बनने के लिए प्रेरित कर रही है।