📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sudhirmanipal
राजनीति
पद्मराज पूजरी ने प्रकट सिम्हा की तुळु भाषा टिप्पणी पर की कड़ी निंदा
✍️ Mangalore Today
🗓 27 सित. 2026, 12:32 PM
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केंद्रीय मंत्री पद्मराज पूजरी ने कर्नाटक में तुळु भाषा को आधिकारिक दर्जा दिलाने की मांग पर प्रश्न उठाने वाले सांसद प्रकट सिम्हा की कड़ी निंदा की।
मंगलूर में जारी बयान में पद्मराज पूजरी ने कर्नाटक में तुळु को आधिकारिक भाषा बनाने की मांग पर प्रश्न उठाने वाले भाजपा सांसद प्रकट सिम्हा की कड़ी निंदा की। पूजरी ने कहा कि सिम्हा की टिप्पणी तुळु‑भाषी समुदाय की सांस्कृतिक आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाती है और इस मुद्दे पर सम्मानजनक संवाद की आवश्यकता है।
पूजरी ने बताया कि तुळु, जो तटीय जिलों में लाखों लोग बोलते हैं, लंबे समय से राज्य की भाषा नीति में औपचारिक मान्यता की तलाश में है। उन्होंने सभी राजनीतिक नेताओं से समुदाय की वैध मांग को समर्थन देने का आग्रह किया।
विवाद की जड़ सिम्हा के उस बयान में है, जिसमें उन्होंने कहा कि तुळु को आधिकारिक दर्जा देने से प्रशासनिक जटिलताएँ बढ़ सकती हैं। इस टिप्पणी ने तटीय पहचान को महत्वपूर्ण मानने वाले क्षेत्रीय नेताओं की तीव्र प्रतिक्रिया को जन्म दिया।
यह घटना कर्नाटक में भाषा नीति पर चल रहे बहस में नई परत जोड़ती है, जहाँ कन्नड़, उर्दू और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को भी आधिकारिक मान्यता के लिए समर्थन मिल रहा है। राज्य सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी।
पूजरी ने बताया कि तुळु, जो तटीय जिलों में लाखों लोग बोलते हैं, लंबे समय से राज्य की भाषा नीति में औपचारिक मान्यता की तलाश में है। उन्होंने सभी राजनीतिक नेताओं से समुदाय की वैध मांग को समर्थन देने का आग्रह किया।
विवाद की जड़ सिम्हा के उस बयान में है, जिसमें उन्होंने कहा कि तुळु को आधिकारिक दर्जा देने से प्रशासनिक जटिलताएँ बढ़ सकती हैं। इस टिप्पणी ने तटीय पहचान को महत्वपूर्ण मानने वाले क्षेत्रीय नेताओं की तीव्र प्रतिक्रिया को जन्म दिया।
यह घटना कर्नाटक में भाषा नीति पर चल रहे बहस में नई परत जोड़ती है, जहाँ कन्नड़, उर्दू और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को भी आधिकारिक मान्यता के लिए समर्थन मिल रहा है। राज्य सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी।