*पेड न्यूज पर निर्वाचन आयोग की पैनी नजर
*पेड न्यूज पर निर्वाचन आयोग की पैनी नजर*
*प्रिंट से सोशल मीडिया तक होगी सघन मॉनिटरिंग, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई*
*संदिग्ध पेड न्यूज पर 48 घंटे में देना होगा जवाब,*
*साबित होने पर अभ्यर्थी के चुनावी खर्च में जुड़ेगी लागत*
जैसलमेर, 7 सितम्बर। नगर निकाय आम चुनाव-2026 में मीडिया के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास पर निर्वाचन आयोग की पैनी नजर रहेगी। राजनीतिक लाभ के लिए समाचार के रूप में प्रकाशित अथवा प्रसारित कराई जाने वाली पेड न्यूज की प्रभावी निगरानी के लिए जिले में मीडिया मॉनिटरिंग तंत्र को सक्रिय किया गया है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की नियमित निगरानी की जाएगी एवं पेड न्यूज प्रमाणित होने पर संबंधित अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय खाते में उसकी लागत जोड़ी जाएगी।
*’खबर से मीडिया पोस्ट तक, हर माध्यम पर नजर*
जिले में पेड न्यूज की प्रभावी मॉनिटरिग गठित एमएमसी एवं मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा समाचार पत्र-पत्रिकाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर कटिंग संधारित की जा रही है। इसके साथ ही टेलीविजन, केबल, रेडियो, इंटरनेट एवं सोशल मीडिया सहित इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर प्रसारित समाचार, विज्ञापन एवं संदिग्ध पेड न्यूज पर भी निगरानी रखी जा रही है।
आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित मामलों को भी मॉनिटरिंग के दायरे में रखा गया है।
*संदिग्ध पेड न्यूज मिली तो 48 घंटे में देना होगा जवाब*
किसी समाचार को प्रथम दृष्टया संदिग्ध पेड न्यूज पाए जाने पर प्रकरण जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। कमेटी द्वारा पेड न्यूज माने जाने पर संबंधित अभ्यर्थी को रिटर्निंग अधिकारी के माध्यम से नोटिस जारी किया जाएगा।
नोटिस की तामील के बाद अभ्यर्थी को 48 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। अभ्यर्थी द्वारा पेड न्यूज स्वीकार करने अथवा निर्धारित समय में जवाब नहीं देने की स्थिति में संबंधित समाचार की लागत नियमानुसार उसके निर्वाचन व्यय में शामिल की जाएगी।
यदि अभ्यर्थी पेड न्यूज होने से इनकार करता है तो प्रकरण पुनः जिला स्तरीय कमेटी के समक्ष प्रस्तुत कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
*जिला स्तरीय कमेटी करेगी जांच*
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गठित जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी (MMC) के अध्यक्ष जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर है। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा मनोनीत सदस्य तथा सहायक निदेशक जनसम्पर्क जैसलमेर सदस्य सचिव है।
कमेटी संदिग्ध पेड न्यूज के मामलों की जांच कर उपलब्ध तथ्यों एवं निर्धारित प्रावधानों के आधार पर निर्णय करेगी।
*फैसले के खिलाफ 48 घंटे में अपील का अधिकार*
जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के निर्णय के विरुद्ध मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष 48 घंटे के भीतर अपील की जा सकेगी।
पेड न्यूज प्रमाणित होने पर संबंधित समाचार की लागत निर्धारित दरों के आधार पर तय कर अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय खाते में शामिल की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित पेड न्यूज की लागत प्रसारण के समय एवं अवधि के आधार पर निर्धारित होगी।
*निष्पक्ष चुनाव के लिए सख्त निगरानी*
पेड न्यूज से संबंधित मामलों का सूचना केन्द्र जैसलमेर में संचालित मीडिया प्रकोष्ठ/एमएमसी में पृथक से रजिस्टर निर्धारित प्रारूप में संधारित किया जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान मीडिया की प्रभावी एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए आयोग के निर्देशों की पूर्ण एवं अक्षरशः पालना की जा रही है।
निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि मीडिया का दुरुपयोग कर किसी अभ्यर्थी को अनुचित चुनावी लाभ न मिले और प्रत्येक प्रत्याशी को समान अवसर उपलब्ध हो। प्रभावी मीडिया मॉनिटरिंग के माध्यम से नगर निकाय आम चुनाव-2026 की निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाए रखने की दिशा में सतत निगरानी की जा रही है।
*प्रिंट से सोशल मीडिया तक होगी सघन मॉनिटरिंग, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई*
*संदिग्ध पेड न्यूज पर 48 घंटे में देना होगा जवाब,*
*साबित होने पर अभ्यर्थी के चुनावी खर्च में जुड़ेगी लागत*
जैसलमेर, 7 सितम्बर। नगर निकाय आम चुनाव-2026 में मीडिया के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास पर निर्वाचन आयोग की पैनी नजर रहेगी। राजनीतिक लाभ के लिए समाचार के रूप में प्रकाशित अथवा प्रसारित कराई जाने वाली पेड न्यूज की प्रभावी निगरानी के लिए जिले में मीडिया मॉनिटरिंग तंत्र को सक्रिय किया गया है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की नियमित निगरानी की जाएगी एवं पेड न्यूज प्रमाणित होने पर संबंधित अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय खाते में उसकी लागत जोड़ी जाएगी।
*’खबर से मीडिया पोस्ट तक, हर माध्यम पर नजर*
जिले में पेड न्यूज की प्रभावी मॉनिटरिग गठित एमएमसी एवं मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा समाचार पत्र-पत्रिकाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर कटिंग संधारित की जा रही है। इसके साथ ही टेलीविजन, केबल, रेडियो, इंटरनेट एवं सोशल मीडिया सहित इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर प्रसारित समाचार, विज्ञापन एवं संदिग्ध पेड न्यूज पर भी निगरानी रखी जा रही है।
आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित मामलों को भी मॉनिटरिंग के दायरे में रखा गया है।
*संदिग्ध पेड न्यूज मिली तो 48 घंटे में देना होगा जवाब*
किसी समाचार को प्रथम दृष्टया संदिग्ध पेड न्यूज पाए जाने पर प्रकरण जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। कमेटी द्वारा पेड न्यूज माने जाने पर संबंधित अभ्यर्थी को रिटर्निंग अधिकारी के माध्यम से नोटिस जारी किया जाएगा।
नोटिस की तामील के बाद अभ्यर्थी को 48 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। अभ्यर्थी द्वारा पेड न्यूज स्वीकार करने अथवा निर्धारित समय में जवाब नहीं देने की स्थिति में संबंधित समाचार की लागत नियमानुसार उसके निर्वाचन व्यय में शामिल की जाएगी।
यदि अभ्यर्थी पेड न्यूज होने से इनकार करता है तो प्रकरण पुनः जिला स्तरीय कमेटी के समक्ष प्रस्तुत कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
*जिला स्तरीय कमेटी करेगी जांच*
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गठित जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी (MMC) के अध्यक्ष जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर है। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा मनोनीत सदस्य तथा सहायक निदेशक जनसम्पर्क जैसलमेर सदस्य सचिव है।
कमेटी संदिग्ध पेड न्यूज के मामलों की जांच कर उपलब्ध तथ्यों एवं निर्धारित प्रावधानों के आधार पर निर्णय करेगी।
*फैसले के खिलाफ 48 घंटे में अपील का अधिकार*
जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के निर्णय के विरुद्ध मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष 48 घंटे के भीतर अपील की जा सकेगी।
पेड न्यूज प्रमाणित होने पर संबंधित समाचार की लागत निर्धारित दरों के आधार पर तय कर अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय खाते में शामिल की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित पेड न्यूज की लागत प्रसारण के समय एवं अवधि के आधार पर निर्धारित होगी।
*निष्पक्ष चुनाव के लिए सख्त निगरानी*
पेड न्यूज से संबंधित मामलों का सूचना केन्द्र जैसलमेर में संचालित मीडिया प्रकोष्ठ/एमएमसी में पृथक से रजिस्टर निर्धारित प्रारूप में संधारित किया जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान मीडिया की प्रभावी एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए आयोग के निर्देशों की पूर्ण एवं अक्षरशः पालना की जा रही है।
निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि मीडिया का दुरुपयोग कर किसी अभ्यर्थी को अनुचित चुनावी लाभ न मिले और प्रत्येक प्रत्याशी को समान अवसर उपलब्ध हो। प्रभावी मीडिया मॉनिटरिंग के माध्यम से नगर निकाय आम चुनाव-2026 की निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाए रखने की दिशा में सतत निगरानी की जा रही है।