पंचायती राज कानून पर फेडरेशन लीडर की कार्यशाला आयोजित
*पंचायतीराज क़ानून पर फ़ेडरेशन लीडर की कार्यशाला*
अलवर। इब्तिदा संस्था द्वारा जिले में चलाये जा रहें सरकारी योजनाओं की जागरूकता एवं बेहतर पहुंच कार्यक्रम क़े अन्तर्गत संघर्ष महिला मंच मुखियाओं की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मंच ऑफिस में किया।
फेडरेशन सपोर्ट कोऑर्डिनेटर बर्फीना ने बताया की कार्यशाला में 28 से अधिक गाँवो क़े सभा लीडरों ने भाग लिया, कार्यशाला में पंचायतीराज क़ानून की जानकारी दी गईं क़े जिसमे महिलाओं को मिलने वाला 50 प्रतिशत आरक्षण को विस्तार से समझाया गया, ग्रामीण सरकारी चुनते समय अपने मत का उपयोग ऐसे उम्मीदवार क़े लिए करें जो गांव विकास करा सकें महिलाओं को ग्राम पंचायत में सम्मान दे ओर ग्राम सभा, वार्ड सभा पंचायत में महिलाओं की भागीदारी ओर बराबरी क़े लिए काम करें साथ महिलाओं जनप्रतिनिधि का चुनाव करते समय ध्यान रखें की जा महिला स्वयं अपनी भूमिका निभा सकें उसी को अपना मत दे,
ग्राम सभा,वार्ड सभा आदि क़े बारे में बताया गया, सामाजिक बुराइयों ओर सामुदायिक मुद्दों पर साझा प्रयास करना चाहिए जिससे समधान की ज्यादा उम्मीद हो सकें, अकेले अकेले से कुछ नहीं होता है,
इसलिए अवसर पर संघर्ष महिला मंच क़े मैनेजर रतन , फील्ड कोऑर्डिनेटर कविता, कृष्ण , मंच की चेयरपर्सन सरला, रुक्कया, ममता आदि उपस्थित रहें।
अलवर। इब्तिदा संस्था द्वारा जिले में चलाये जा रहें सरकारी योजनाओं की जागरूकता एवं बेहतर पहुंच कार्यक्रम क़े अन्तर्गत संघर्ष महिला मंच मुखियाओं की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मंच ऑफिस में किया।
फेडरेशन सपोर्ट कोऑर्डिनेटर बर्फीना ने बताया की कार्यशाला में 28 से अधिक गाँवो क़े सभा लीडरों ने भाग लिया, कार्यशाला में पंचायतीराज क़ानून की जानकारी दी गईं क़े जिसमे महिलाओं को मिलने वाला 50 प्रतिशत आरक्षण को विस्तार से समझाया गया, ग्रामीण सरकारी चुनते समय अपने मत का उपयोग ऐसे उम्मीदवार क़े लिए करें जो गांव विकास करा सकें महिलाओं को ग्राम पंचायत में सम्मान दे ओर ग्राम सभा, वार्ड सभा पंचायत में महिलाओं की भागीदारी ओर बराबरी क़े लिए काम करें साथ महिलाओं जनप्रतिनिधि का चुनाव करते समय ध्यान रखें की जा महिला स्वयं अपनी भूमिका निभा सकें उसी को अपना मत दे,
ग्राम सभा,वार्ड सभा आदि क़े बारे में बताया गया, सामाजिक बुराइयों ओर सामुदायिक मुद्दों पर साझा प्रयास करना चाहिए जिससे समधान की ज्यादा उम्मीद हो सकें, अकेले अकेले से कुछ नहीं होता है,
इसलिए अवसर पर संघर्ष महिला मंच क़े मैनेजर रतन , फील्ड कोऑर्डिनेटर कविता, कृष्ण , मंच की चेयरपर्सन सरला, रुक्कया, ममता आदि उपस्थित रहें।