📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prateek Priyadeep
धर्म
साढ़े सात लाख श्रद्धालुओं ने देखा उन्नाव में महाकाल की चार स्वरूपों की यात्रा
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 24 अग. 2026, 08:22 PM
👁 5
साढ़े सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने उन्नाव में महाकाल की चार स्वरूपों की यात्रा देखी, जहाँ विभिन्न वाहन पर देवता की मूर्तियाँ निकलीं।
साढ़े सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने उन्नाव के महाकालेश्वर मंदिर में एक भव्य यात्रा देखी, जिसमें भगवान महाकाल के चार अलग‑अलग स्वरूप प्रदर्शित किए गए। मंदिर प्रबंधन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों से आए भक्तों ने दर्शन के लिए बड़ी भीड़ जमा की।
यात्रा में चार विशेष रूप से सजाए गए वाहन शामिल थे: गजराज पर श्री चंद्रमौलेश्वर की मूर्ति वाली पालकी, गरुड़ पर श्री मनमहेश की मूर्ति वाली रथ, बैलगाड़ी पर गरुड़ पर नहीं बल्कि नंदी पर श्री शिवतांडव, तथा नंदी पर श्री उमा‑महेश की मूर्ति वाली दूसरी बैलगाड़ी। प्रत्येक वाहन शहर की सड़कों से गुजरते हुए श्रद्धालुओं को विभिन्न स्वरूपों का दर्शन कराता रहा।
भीड़ ने मंत्रोच्चार और आरती के साथ उत्सव का माहौल बनाया, और हर ठहराव पर श्रद्धा के साथ प्रार्थना की। इस यात्रा को महाकाल के कई अवतारों को एक ही अवसर में देख पाने का दुर्लभ अवसर माना गया, जिससे उन्नाव की तीर्थस्थल के रूप में महत्ता और भी बढ़ गई।
यात्रा में चार विशेष रूप से सजाए गए वाहन शामिल थे: गजराज पर श्री चंद्रमौलेश्वर की मूर्ति वाली पालकी, गरुड़ पर श्री मनमहेश की मूर्ति वाली रथ, बैलगाड़ी पर गरुड़ पर नहीं बल्कि नंदी पर श्री शिवतांडव, तथा नंदी पर श्री उमा‑महेश की मूर्ति वाली दूसरी बैलगाड़ी। प्रत्येक वाहन शहर की सड़कों से गुजरते हुए श्रद्धालुओं को विभिन्न स्वरूपों का दर्शन कराता रहा।
भीड़ ने मंत्रोच्चार और आरती के साथ उत्सव का माहौल बनाया, और हर ठहराव पर श्रद्धा के साथ प्रार्थना की। इस यात्रा को महाकाल के कई अवतारों को एक ही अवसर में देख पाने का दुर्लभ अवसर माना गया, जिससे उन्नाव की तीर्थस्थल के रूप में महत्ता और भी बढ़ गई।