📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
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हिमाचल प्रदेश लोक अदालतों में 6.8 लाख राजस्व मामलों का निपटारा
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 06 सित. 2026, 09:18 PM
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हिमाचल प्रदेश में लोक अदालतों के माध्यम से 6.8 लाख से अधिक राजस्व विवादों का निपटारा कर राज्य की सिविल अदालतों का बोझ घटाया गया।
हिमाचल प्रदेश राजस्व विभाग ने बताया कि राज्य भर में आयोजित लोक अदालतों ने इस वर्ष 6.8 लाख से अधिक राजस्व मामलों का निपटारा किया है। पक्षों को आपसी समझौते के माध्यम से विवाद सुलझाने के लिए कई सुनवाई सत्र आयोजित किए गए, जिससे लंबित मुकदमों में कमी आई।
इन मामलों में भूमि राजस्व, संपत्ति कर और अन्य वित्तीय विवाद शामिल थे, और दोनों पक्षों के लिए निर्णय बाध्यकारी हैं। यह कदम राज्य सरकार की न्यायिक प्रक्रिया को तेज़ करने और सामान्य अदालतों के बोझ को कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
यह सफलता भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र, विशेषकर कम मूल्य के सिविल मामलों में, की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले महीनों में भी इसी तरह के सत्र आयोजित कर बैकलॉग को और घटाया जाएगा।
स्थानीय राजस्व अधिकारी और मुकदमेबाज दोनों ने इस परिणाम का स्वागत किया, यह कहते हुए कि तेज़ निपटारे से किसानों, जमीन मालिकों और व्यवसायियों को लंबी कानूनी लड़ाइयों से बचाव मिलता है।
राजस्व विभाग अपने आगामी वार्षिक रिपोर्ट में निपटाए गए मामलों के विस्तृत आँकड़े प्रकाशित करेगा।
इन मामलों में भूमि राजस्व, संपत्ति कर और अन्य वित्तीय विवाद शामिल थे, और दोनों पक्षों के लिए निर्णय बाध्यकारी हैं। यह कदम राज्य सरकार की न्यायिक प्रक्रिया को तेज़ करने और सामान्य अदालतों के बोझ को कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
यह सफलता भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र, विशेषकर कम मूल्य के सिविल मामलों में, की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले महीनों में भी इसी तरह के सत्र आयोजित कर बैकलॉग को और घटाया जाएगा।
स्थानीय राजस्व अधिकारी और मुकदमेबाज दोनों ने इस परिणाम का स्वागत किया, यह कहते हुए कि तेज़ निपटारे से किसानों, जमीन मालिकों और व्यवसायियों को लंबी कानूनी लड़ाइयों से बचाव मिलता है।
राजस्व विभाग अपने आगामी वार्षिक रिपोर्ट में निपटाए गए मामलों के विस्तृत आँकड़े प्रकाशित करेगा।