📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
राजनीति
भोपाल में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम: नरेला में सवा लाख दीप जलाए
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 17 सित. 2026, 08:45 PM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भोपाल में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत नरेला में सवा लाख दीप और अन्य प्रमुख स्थलों पर प्रकाश जलाया गया।
भोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत बड़े पैमाने पर दीप प्रज्ज्वलन से मनाया। नरेला क्षेत्र में सवा लाख से अधिक दीये जलाए गए, जिससे पूरे मोहल्ले में रोशनी की लहर दौड़ गई।
नरेला के अलावा, मंत्री विश्वास सारंग के निवास और शहर के शौर्य स्मारक पर भी विशेष रूप से दीप प्रज्ज्वलित किए गए। अधिकारियों ने इसे प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता और आशीर्वाद का प्रतीक बताया।
स्थानीय प्रशासन और राज्य अधिकारियों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में एकता और देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित करना था। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ-साथ निकटवर्ती बस्तियों में छोटे‑छोटे दीये वितरित किए गए, जिससे प्रत्येक घर में भागीदारी सुनिश्चित हुई। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ अधिकारियों ने संक्षिप्त भाषण दिया, जिसमें राष्ट्रीय नेता के जन्मदिन पर सामूहिक शुभकामनाओं के महत्व को रेखांकित किया गया।
कोई बड़ी घटना या व्यवधान नहीं दर्ज हुआ, और शहर ने इस उत्सव को शांतिपूर्ण रूप से समाप्त किया, जिससे भोपाल की सड़कों पर एक उत्सवपूर्ण माहौल बना रहा।
नरेला के अलावा, मंत्री विश्वास सारंग के निवास और शहर के शौर्य स्मारक पर भी विशेष रूप से दीप प्रज्ज्वलित किए गए। अधिकारियों ने इसे प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता और आशीर्वाद का प्रतीक बताया।
स्थानीय प्रशासन और राज्य अधिकारियों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में एकता और देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित करना था। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ-साथ निकटवर्ती बस्तियों में छोटे‑छोटे दीये वितरित किए गए, जिससे प्रत्येक घर में भागीदारी सुनिश्चित हुई। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ अधिकारियों ने संक्षिप्त भाषण दिया, जिसमें राष्ट्रीय नेता के जन्मदिन पर सामूहिक शुभकामनाओं के महत्व को रेखांकित किया गया।
कोई बड़ी घटना या व्यवधान नहीं दर्ज हुआ, और शहर ने इस उत्सव को शांतिपूर्ण रूप से समाप्त किया, जिससे भोपाल की सड़कों पर एक उत्सवपूर्ण माहौल बना रहा।