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औरैया: पंचायत सहायकों ने किया प्रशासनिक कार्यों के बहिष्कार का ऐलान, मांगों को लेकर लखनऊ धरने में होंगे शामिल
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औरैया जिले के पंचायत सहायकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए लखनऊ में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में शामिल होने और सभी प्रशासनिक कार्यों के बहिष्कार की घोषणा की है।
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में पंचायत सहायकों ने अपनी लंबित मांगों के समाधान को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। पंचायत सहायक संगठन ने लखनऊ में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में शामिल होने की घोषणा की है। इसके साथ ही, पंचायत सहायकों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने और सभी प्रशासनिक कार्यों का पूरी तरह से बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इस संबंध में पंचायत सहायकों की ओर से संबंधित खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और एडीओ पंचायत को पत्र सौंपकर आंदोलन की आधिकारिक जानकारी दे दी गई है।
पंचायत सहायकों का कहना है कि वे अपनी लंबित मांगों को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं। संगठन के आह्वान पर विकासखंड औरैया के पंचायत सहायक भी लखनऊ पहुंचकर धरने में शामिल होंगे। पंचायत सहायकों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों के समाधान को लेकर संगठन के साथ पूरी तरह एकजुट हैं और मांगें पूरी होने तक आंदोलन में अपना सहयोग जारी रखेंगे।
पंचायत सहायकों के इस आंदोलन और लखनऊ जाने के फैसले से ब्लॉक और तहसील स्तर पर पंचायतों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ऑनलाइन उपस्थिति और कार्यों के बहिष्कार के कारण विभिन्न सरकारी कार्यों के लंबित होने की संभावना है। इस आंदोलन की सूचना देने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में देवेंद्र कुमार, रॉबिन पाल, रामजी, अश्वनी राज, गौरव सविता, आशीष कुमार, काजल, मुनेश पाठक, स्वेक्षा चतुर्वेदी, प्रिया, जीतू, स्वाति भारती, विक्रम, सुधांशु, योगेंद्र सिंह, शिवजीत सिंह, आशीष और अनुराग शर्मा सहित कई पंचायत सहायक शामिल हैं।
पंचायत सहायकों का कहना है कि वे अपनी लंबित मांगों को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं। संगठन के आह्वान पर विकासखंड औरैया के पंचायत सहायक भी लखनऊ पहुंचकर धरने में शामिल होंगे। पंचायत सहायकों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों के समाधान को लेकर संगठन के साथ पूरी तरह एकजुट हैं और मांगें पूरी होने तक आंदोलन में अपना सहयोग जारी रखेंगे।
पंचायत सहायकों के इस आंदोलन और लखनऊ जाने के फैसले से ब्लॉक और तहसील स्तर पर पंचायतों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ऑनलाइन उपस्थिति और कार्यों के बहिष्कार के कारण विभिन्न सरकारी कार्यों के लंबित होने की संभावना है। इस आंदोलन की सूचना देने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में देवेंद्र कुमार, रॉबिन पाल, रामजी, अश्वनी राज, गौरव सविता, आशीष कुमार, काजल, मुनेश पाठक, स्वेक्षा चतुर्वेदी, प्रिया, जीतू, स्वाति भारती, विक्रम, सुधांशु, योगेंद्र सिंह, शिवजीत सिंह, आशीष और अनुराग शर्मा सहित कई पंचायत सहायक शामिल हैं।