📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dev Jadiya
शिक्षा
एमपी के 2,269 स्कूलों में केवल एक शिक्षक, कांग्रेस ने सरकार से जवाब माँगा
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 16 सित. 2026, 07:16 PM
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कांग्रेस ने एमपी के 2,269 स्कूलों में केवल एक शिक्षक होने पर सरकार से जवाब माँगा, रिक्तियों का कारण और शिक्षक भर्ती के लिए समय‑सीमा की मांग की।
भोजपुर में कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने एमपी के 2,269 सरकारी स्कूलों में केवल एक शिक्षक रहने की स्थिति उजागर की। उन्होंने इस आंकड़े को सामने रखते हुए राज्य सरकार से इस असामान्य कमी के कारणों की स्पष्ट व्याख्या मांगी।
पटवारी ने बताया कि शिक्षक पदों की रिक्तियों के साथ-साथ स्कूलों में दाखिल होने वाले छात्रों की संख्या घट रही है और ड्रॉप‑आउट की दर बढ़ रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षक‑छात्र अनुपात राष्ट्रीय मानकों से बहुत नीचे है और प्रभावी सीखने में बाधा बन रहा है।
विपक्ष ने शिक्षा से रोजगार तक का समयबद्ध रोडमैप तैयार करने की मांग की, जिसमें खाली पदों को भरने और बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के ठोस कदम शामिल हों। पटवारी ने तर्क दिया कि तेज़ कार्रवाई न होने पर राज्य के मानव पूँजी विकास को दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है।
अब तक मध्य प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, जिससे यह चर्चा राजनीतिक और सार्वजनिक दोनों स्तरों पर जारी है।
पटवारी ने बताया कि शिक्षक पदों की रिक्तियों के साथ-साथ स्कूलों में दाखिल होने वाले छात्रों की संख्या घट रही है और ड्रॉप‑आउट की दर बढ़ रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षक‑छात्र अनुपात राष्ट्रीय मानकों से बहुत नीचे है और प्रभावी सीखने में बाधा बन रहा है।
विपक्ष ने शिक्षा से रोजगार तक का समयबद्ध रोडमैप तैयार करने की मांग की, जिसमें खाली पदों को भरने और बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के ठोस कदम शामिल हों। पटवारी ने तर्क दिया कि तेज़ कार्रवाई न होने पर राज्य के मानव पूँजी विकास को दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है।
अब तक मध्य प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, जिससे यह चर्चा राजनीतिक और सार्वजनिक दोनों स्तरों पर जारी है।