📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / usicegov
स्वास्थ्य
मध्य प्रदेश में केवल 30% हाई‑रिस्क गर्भवती महिलाएँ समय पर अस्पताल पहुँचती हैं, रिपोर्ट में बताया
✍️ The Hawk
🗓 29 अक्टू. 2026, 07:36 AM
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एक नई रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में केवल 30% हाई‑रिस्क गर्भवती महिलाएँ जटिलताओं से पहले अस्पताल में भर्ती हो पाती हैं।
द हॉक द्वारा जारी एक अध्ययन ने मध्य प्रदेश में हाई‑रिस्क गर्भधारण वाली महिलाओं के समय पर अस्पताल पहुँचने में गंभीर कमी को उजागर किया है। आंकड़ों के अनुसार, केवल लगभग 30 प्रतिशत हाई‑रिस्क महिलाओं को उनकी स्थिति बिगड़ने से पहले अस्पताल में भर्ती कराया जाता है।
राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में अंतर को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी, और यह नवीनतम आँकड़ा समय पर देखभाल सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
रिपोर्ट में जिलों के अनुसार विवरण नहीं दिया गया, पर कुल मिलाकर कम भर्ती दर यह संकेत देती है कि कई गर्भवती महिलाएँ आवश्यक प्रसवपूर्व निगरानी और आपातकालीन उपचार से वंचित रह रही हैं।
राज्य स्वास्थ्य विभाग और गैर‑सरकारी संगठनों सहित सभी हितधारकों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस निष्कर्ष की समीक्षा कर, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और परिवहन सुविधाओं में सुधार जैसे कदम उठाएँ, ताकि समय पर भर्ती का प्रतिशत बढ़ाया जा सके।
हाई‑रिस्क गर्भधारण में शुरुआती अस्पताल पहुँच मातृ‑शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों का प्रमुख लक्ष्य है।
राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में अंतर को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी, और यह नवीनतम आँकड़ा समय पर देखभाल सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
रिपोर्ट में जिलों के अनुसार विवरण नहीं दिया गया, पर कुल मिलाकर कम भर्ती दर यह संकेत देती है कि कई गर्भवती महिलाएँ आवश्यक प्रसवपूर्व निगरानी और आपातकालीन उपचार से वंचित रह रही हैं।
राज्य स्वास्थ्य विभाग और गैर‑सरकारी संगठनों सहित सभी हितधारकों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस निष्कर्ष की समीक्षा कर, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और परिवहन सुविधाओं में सुधार जैसे कदम उठाएँ, ताकि समय पर भर्ती का प्रतिशत बढ़ाया जा सके।
हाई‑रिस्क गर्भधारण में शुरुआती अस्पताल पहुँच मातृ‑शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों का प्रमुख लक्ष्य है।