📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Christian Ferrer
विदेश
ओआईसी ने कश्मीर पर कोई कानूनी अधिकार नहीं, भारत से कड़ी प्रतिक्रिया की मांग
✍️ jknewstoday.com
🗓 25 सित. 2026, 01:01 AM
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ओआईसी ने कहा कि कश्मीर मुद्दे में उसका कोई कानूनी अधिकार नहीं है और भारत से अधिक दृढ़ प्रतिक्रिया की अपील की।
ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने एक बयान में कहा कि कश्मीर विवाद में हस्तक्षेप करने का उसका कोई कानूनी अधिकार, यानी लोकेस स्टैन्डी, नहीं है। यह बयान OIC के विदेश मंत्रियों की हालिया बैठक के दौरान जारी किया गया, जहाँ इसने अपने कार्यक्षेत्र को व्यापक मुस्लिम‑विश्व मुद्दों तक सीमित रखने की पुष्टि की।
बयान में बताया गया कि OIC के चार्टर में सदस्य देशों के आंतरिक मामलों में मध्यस्थता करने की कोई शक्ति नहीं है, इसलिए वह कश्मीर प्रश्न पर औपचारिक रूप से कोई स्थिति नहीं ले सकता। संगठन ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संवाद से ही संभव है।
भारतीय अधिकारियों ने OIC की इस स्थिति को स्वीकार किया, पर यह भी कहा कि भारत को इस विषय पर किसी भी बाहरी टिप्पणी के प्रति अधिक दृढ़ कूटनीतिक और रणनीतिक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कश्मीर पर भारत की अपनी नीति बनी रहेगी और बिना कानूनी आधार वाले बयानों से प्रभावित नहीं होगा।
विश्लेषकों का मानना है कि OIC की यह स्पष्टता भविष्य में उसके कश्मीर में भागीदारी को सीमित कर सकती है, जबकि यह भी दर्शाती है कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को कैसे संभालना चाहता है।
बयान में बताया गया कि OIC के चार्टर में सदस्य देशों के आंतरिक मामलों में मध्यस्थता करने की कोई शक्ति नहीं है, इसलिए वह कश्मीर प्रश्न पर औपचारिक रूप से कोई स्थिति नहीं ले सकता। संगठन ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संवाद से ही संभव है।
भारतीय अधिकारियों ने OIC की इस स्थिति को स्वीकार किया, पर यह भी कहा कि भारत को इस विषय पर किसी भी बाहरी टिप्पणी के प्रति अधिक दृढ़ कूटनीतिक और रणनीतिक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कश्मीर पर भारत की अपनी नीति बनी रहेगी और बिना कानूनी आधार वाले बयानों से प्रभावित नहीं होगा।
विश्लेषकों का मानना है कि OIC की यह स्पष्टता भविष्य में उसके कश्मीर में भागीदारी को सीमित कर सकती है, जबकि यह भी दर्शाती है कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को कैसे संभालना चाहता है।