📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Naveen Patnaik
राजनीति
ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने यू.पी.आई. नियमों में छोटे व्यापारियों की सुरक्षा की मांग की
✍️ Pragativadi
🗓 18 सित. 2026, 05:36 PM
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मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने यू.पी.आई. नियमों में छोटे व्यापारियों और आम जनता की सुरक्षा की आवश्यकता पर सवाल उठाए।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हालिया यू.पी.आई. नियमों में बदलाव को लेकर केंद्र सरकार की प्रस्तावित नीति को सार्वजनिक रूप से चुनौती दी। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवर्तन में आम नागरिक और छोटे व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जो डिजिटल भुगतान पर अपने रोज़मर्रा के लेन‑देनों के लिए निर्भर हैं।
पटनायक ने चेतावनी दी कि अत्यधिक कठोर नियम वित्तीय समावेशन को बाधित कर सकते हैं, जो ओडिशा में डिजिटल लेन‑देन को बढ़ावा देने में मददगार रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा को बनाए रखते हुए छोटे व्यवसायों पर बोझ न डालने वाला संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्रालय और भारतीय रिज़र्व बैंक से नियम अंतिम रूप देने से पहले राज्य अधिकारियों और हितधारकों से परामर्श करने का आग्रह किया, यह कहा कि नीति निर्णयों को वास्तविक परिस्थितियों को दर्शाना चाहिए।
यह टिप्पणी तब आई है, जब सरकार यू.पी.आई. प्रणाली में बढ़ते धोखाधड़ी और डेटा सुरक्षा संबंधी मुद्दों को सुलझाने के लिए कदम उठा रही है, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
आगे के दिनों में हितधारकों की प्रतिक्रियाओं की उम्मीद है, जबकि सरकार ने पटनायक जैसे राज्य नेताओं की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखने का संकेत दिया है।
पटनायक ने चेतावनी दी कि अत्यधिक कठोर नियम वित्तीय समावेशन को बाधित कर सकते हैं, जो ओडिशा में डिजिटल लेन‑देन को बढ़ावा देने में मददगार रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा को बनाए रखते हुए छोटे व्यवसायों पर बोझ न डालने वाला संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्रालय और भारतीय रिज़र्व बैंक से नियम अंतिम रूप देने से पहले राज्य अधिकारियों और हितधारकों से परामर्श करने का आग्रह किया, यह कहा कि नीति निर्णयों को वास्तविक परिस्थितियों को दर्शाना चाहिए।
यह टिप्पणी तब आई है, जब सरकार यू.पी.आई. प्रणाली में बढ़ते धोखाधड़ी और डेटा सुरक्षा संबंधी मुद्दों को सुलझाने के लिए कदम उठा रही है, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
आगे के दिनों में हितधारकों की प्रतिक्रियाओं की उम्मीद है, जबकि सरकार ने पटनायक जैसे राज्य नेताओं की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखने का संकेत दिया है।