📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Naveen Patnaik
राजनीति
ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने बीजेपी सांसदों से नई खनन विधेयक को खारिज करने का आग्रह किया
✍️ The Economic Times
🗓 30 अग. 2026, 01:17 AM
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मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ओडिशा के बीजेपी सांसदों से नई खनन विधेयक को विरोध करने का आग्रह किया, पर्यावरण और जीविकोपार्जन पर संभावित असर को लेकर चिंता जताते हुए।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ओडिशा के बीजेपी सांसदों के समक्ष एकत्रित होते हुए हाल ही में संसद में पेश किए गए खनन विधेयक का विरोध करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से राज्य की वन्य क्षेत्र सुरक्षा और खनन‑मुक्त क्षेत्रों पर निर्भर स्थानीय समुदायों के अधिकारों को खतरा हो सकता है।
पटनायक ने बताया कि विधेयक में पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रावधान नहीं हैं और इससे अनियंत्रित खनन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे जनजातीय जनसंख्या की आजीविका और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
यह अपील राजनीतिक बहस में नया मोड़ लाती है, क्योंकि केंद्र सरकार विधेयक के लिए व्यापक समर्थन चाह रही है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा ने इसे विकास का साधन बताया है, पटनायक का रुख सतत विकास को प्राथमिकता देने वाले राज्य नेताओं की संभावित विरोध भावना को दर्शाता है।
उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे संसद में इस पर आपत्ति दर्ज कराएं और राज्य सरकार के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी खनन नीति ओडिशा के पर्यावरणीय हितों और सामाजिक समानता के लक्ष्यों के अनुरूप हो।
पटनायक ने बताया कि विधेयक में पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रावधान नहीं हैं और इससे अनियंत्रित खनन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे जनजातीय जनसंख्या की आजीविका और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
यह अपील राजनीतिक बहस में नया मोड़ लाती है, क्योंकि केंद्र सरकार विधेयक के लिए व्यापक समर्थन चाह रही है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा ने इसे विकास का साधन बताया है, पटनायक का रुख सतत विकास को प्राथमिकता देने वाले राज्य नेताओं की संभावित विरोध भावना को दर्शाता है।
उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे संसद में इस पर आपत्ति दर्ज कराएं और राज्य सरकार के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी खनन नीति ओडिशा के पर्यावरणीय हितों और सामाजिक समानता के लक्ष्यों के अनुरूप हो।