📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramban123
शिक्षा
एनएसयूआई ने एमपी के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में प्राचार्य व फैकल्टी की कमी पर सवाल उठाए
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 23 अग. 2026, 05:41 PM
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एनएसयूआई ने एमपी के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता पर गंभीर सवाल उठाए हैं, बताया कि 6 कॉलेजों में प्राचार्य नहीं, 10 में उप‑प्राचार्य नहीं और 15 में शैक्षणिक स्टाफ की कमी है।
राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने मध्य प्रदेश के कई सरकारी नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने बताया कि इन संस्थानों में प्रशासनिक और स्टाफ संबंधी कई कमियां हैं, जो नियामक मानकों के खिलाफ हैं।
एनएसयूआई के अनुसार, छह कॉलेजों में प्राचार्य की नियुक्ति नहीं हुई है, जबकि दस कॉलेजों में उप‑प्राचार्य नहीं है। साथ ही, पंद्रह कॉलेजों में निर्धारित फैकल्टी‑स्टूडेंट अनुपात नहीं बना है, जिससे कई पाठ्यक्रमों में योग्य शिक्षक की कमी है।
संघ ने चेतावनी दी है कि ऐसी खामियां नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा सकती हैं और संस्थानों के प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने राज्य स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों से तुरंत जांच करने और सभी कॉलेजों को मानक के अनुरूप बनाने का आग्रह किया है।
एनएसयूआई के अनुसार, छह कॉलेजों में प्राचार्य की नियुक्ति नहीं हुई है, जबकि दस कॉलेजों में उप‑प्राचार्य नहीं है। साथ ही, पंद्रह कॉलेजों में निर्धारित फैकल्टी‑स्टूडेंट अनुपात नहीं बना है, जिससे कई पाठ्यक्रमों में योग्य शिक्षक की कमी है।
संघ ने चेतावनी दी है कि ऐसी खामियां नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा सकती हैं और संस्थानों के प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने राज्य स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों से तुरंत जांच करने और सभी कॉलेजों को मानक के अनुरूप बनाने का आग्रह किया है।