📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Great Northern Railway
टेक्नोलॉजी
उत्तर रेलवे ने सौर क्षमता तिगुनी की, नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 23 जून 2026, 05:01 AM
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उत्तर रेलवे ने 2030 तक 'नेट जीरो कार्बन एमिशन' हासिल करने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत पिछले एक साल में अपनी सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में काफी वृद्धि की है।
उत्तर रेलवे ने पिछले एक वर्ष में अपनी सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में तीन गुना वृद्धि दर्ज की है। यह विस्तार भारतीय रेलवे के वर्ष 2030 तक 'नेट जीरो कार्बन एमिशन' हासिल करने के व्यापक लक्ष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस रणनीति के तहत विभिन्न रेलवे संपत्तियों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें रेलवे स्टेशनों की छतों, खाली पड़ी भूमि और रेल पटरियों के किनारे शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य रेल संचालन के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करना है।
बढ़ी हुई सौर क्षमता से यात्रियों को लाभ होने और पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान की उम्मीद है। स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़कर, उत्तर रेलवे जलवायु परिवर्तन से निपटने के राष्ट्रीय और वैश्विक प्रयासों के साथ तालमेल बिठा रहा है।
इस रणनीति के तहत विभिन्न रेलवे संपत्तियों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें रेलवे स्टेशनों की छतों, खाली पड़ी भूमि और रेल पटरियों के किनारे शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य रेल संचालन के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करना है।
बढ़ी हुई सौर क्षमता से यात्रियों को लाभ होने और पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान की उम्मीद है। स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़कर, उत्तर रेलवे जलवायु परिवर्तन से निपटने के राष्ट्रीय और वैश्विक प्रयासों के साथ तालमेल बिठा रहा है।