📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
देश
पूर्वोत्तर भारत टीबी स्क्रीनिंग: एक-तिहाई मामले बिना लक्षण वाले
✍️ TOI India
🗓 18 जून 2026, 01:31 PM
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पूर्वोत्तर भारत में एक बड़े पैमाने पर टीबी स्क्रीनिंग अभियान ने खुलासा किया है कि कमजोर समूहों में पाए गए एक-तिहाई से अधिक मामलों में कोई लक्षण नहीं थे, जो मूक संक्रमणों के प्रसार को उजागर करता है। यह खोज भारत के तपेदिक उन्मूलन के राष्ट्रव्यापी प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है।
पूर्वोत्तर भारत में आयोजित एक बड़े पैमाने पर तपेदिक (टीबी) स्क्रीनिंग कार्यक्रम ने एक चिंताजनक प्रवृत्ति का खुलासा किया है: कमजोर समुदायों में टीबी से पीड़ित पाए गए एक-तिहाई से अधिक व्यक्तियों में कोई लक्षण नहीं थे। यह टीबी की पहचान और उपचार में एक महत्वपूर्ण चुनौती को दर्शाता है, क्योंकि कई संक्रमणों का पता नहीं चल पाता है।
लाखों लोगों तक पहुंचने वाली यह सक्रिय स्क्रीनिंग, तपेदिक को खत्म करने के अपने राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एसिम्प्टोमैटिक (बिना लक्षण वाले) मामलों की पहचान संचरण की श्रृंखला को तोड़ने और व्यापक उपचार सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
क्षेत्र में अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों सहित उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि शीघ्र पहचान क्षमताओं को बढ़ाया जा सके और रोगियों के लिए उपचार शुरू करने में तेजी लाई जा सके, जिससे रोगी के परिणामों में सुधार हो और समग्र टीबी उन्मूलन मिशन में योगदान मिले।
लाखों लोगों तक पहुंचने वाली यह सक्रिय स्क्रीनिंग, तपेदिक को खत्म करने के अपने राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एसिम्प्टोमैटिक (बिना लक्षण वाले) मामलों की पहचान संचरण की श्रृंखला को तोड़ने और व्यापक उपचार सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
क्षेत्र में अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों सहित उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि शीघ्र पहचान क्षमताओं को बढ़ाया जा सके और रोगियों के लिए उपचार शुरू करने में तेजी लाई जा सके, जिससे रोगी के परिणामों में सुधार हो और समग्र टीबी उन्मूलन मिशन में योगदान मिले।