📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Adbh266
बिज़नेस
NMDC ने छत्तीसगढ़ पेललेट प्लांट के लिए गैस आपूर्ति समझौता किया
✍️ Moneycontrol.com
🗓 21 अक्टू. 2026, 05:46 AM
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राज्य स्वामित्व वाली NMDC ने छत्तीसगढ़ में अपने पेललेट प्लांट को गैस आपूर्ति के लिए GAIL के साथ समझौता किया, जिससे उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है।
राष्ट्रीय खनन विकास निगम (NMDC), जो कि स्टील मंत्रालय के अधीन एक सरकारी सार्वजनिक उद्यम है, ने गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) के साथ गैस आपूर्ति समझौता किया है। इस समझौते के तहत GAIL छत्तीसगढ़ में स्थापित NMDC के पेललेट प्लांट को प्राकृतिक गैस प्रदान करेगा। समझौते की मात्रा और मूल्य निर्धारण के विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर यह साझेदारी प्लांट के संचालन के लिए स्थिर ईंधन स्रोत सुनिश्चित करेगी।
पेललेट प्लांट का उद्देश्य लोहे की अयस्क को उच्च गुणवत्ता वाले पेललेट में बदलना है, जिससे NMDC अपने कच्चे माल का मूल्यवर्धन कर सके और घरेलू इस्पात की बढ़ती मांग को पूरा कर सके। कोयले के बजाय प्राकृतिक गैस का उपयोग सरकार की स्वच्छ औद्योगिक प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता दोनों कंपनियों के लिए फायदेमंद है: NMDC को उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए स्थिर गैस आपूर्ति मिलेगी, जबकि GAIL को इस्पात क्षेत्र में अपने ग्राहक आधार का विस्तार होगा। यह समझौता भारत के खनन और ऊर्जा क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के व्यापक प्रयास को भी दर्शाता है।
प्लांट इस वर्ष के अंत तक संचालन में आने की उम्मीद है, और इसके चालू होने पर NMDC के कुल उत्पादन तथा छत्तीसगढ़ की स्थानीय अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान की संभावना है।
पेललेट प्लांट का उद्देश्य लोहे की अयस्क को उच्च गुणवत्ता वाले पेललेट में बदलना है, जिससे NMDC अपने कच्चे माल का मूल्यवर्धन कर सके और घरेलू इस्पात की बढ़ती मांग को पूरा कर सके। कोयले के बजाय प्राकृतिक गैस का उपयोग सरकार की स्वच्छ औद्योगिक प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता दोनों कंपनियों के लिए फायदेमंद है: NMDC को उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए स्थिर गैस आपूर्ति मिलेगी, जबकि GAIL को इस्पात क्षेत्र में अपने ग्राहक आधार का विस्तार होगा। यह समझौता भारत के खनन और ऊर्जा क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के व्यापक प्रयास को भी दर्शाता है।
प्लांट इस वर्ष के अंत तक संचालन में आने की उम्मीद है, और इसके चालू होने पर NMDC के कुल उत्पादन तथा छत्तीसगढ़ की स्थानीय अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान की संभावना है।