📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Road Transport and Highways
देश
नितिन गाडकरी ने राजस्थान‑हिमाचल के राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा, गुणवत्ता व मानसून तैयारी पर बल दिया
✍️ DD News
🗓 05 सित. 2026, 02:18 PM
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केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गाडकरी ने राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की जाँच की, निर्माण गुणवत्ता और मानसून के लिए तैयारियों पर ज़ोर दिया।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गाडकरी ने बुधवार को राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के प्रमुख स्थल देखे। उन्होंने विस्तार व उन्नयन के तहत चल रही कई परियोजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया।
गाडकरी ने बताया कि मानसून के महीनों में सड़कों की टिकाऊपन का परीक्षण होता है, इसलिए ठेकेदारों को गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करना चाहिए और मौसम‑प्रतिरोधी सामग्री का उपयोग करना चाहिए। किसी भी ढील से समय से पहले क्षति, रख‑रखाव खर्च बढ़ेगा और सुरक्षा जोखिम बढ़ेगा।
उन्होंने परियोजना अधिकारियों को समय‑सीमा तेज करने के साथ‑साथ पर्यावरणीय मंजूरी और भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को पारदर्शी रखने का निर्देश दिया। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त फंडिंग भी प्रदान की जाएगी ताकि मानसून‑तैयारी लक्ष्य पूरे हो सकें।
राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्य अधिकारियों ने स्थानीय चुनौतियों जैसे पहाड़ी इलाकों में कठिन भूभाग और मजबूत जल निकासी प्रणाली की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। यह समीक्षा मौसमी बरसात से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
इन दौरों से केंद्र सरकार की बुनियादी ढांचे की लचीलापन बढ़ाने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है, जिसका उद्देश्य प्रमुख परिवहन मार्गों को पूरे वर्ष, विशेषकर मानसून के दौरान, सुगम रखना और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देना है।
गाडकरी ने बताया कि मानसून के महीनों में सड़कों की टिकाऊपन का परीक्षण होता है, इसलिए ठेकेदारों को गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करना चाहिए और मौसम‑प्रतिरोधी सामग्री का उपयोग करना चाहिए। किसी भी ढील से समय से पहले क्षति, रख‑रखाव खर्च बढ़ेगा और सुरक्षा जोखिम बढ़ेगा।
उन्होंने परियोजना अधिकारियों को समय‑सीमा तेज करने के साथ‑साथ पर्यावरणीय मंजूरी और भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को पारदर्शी रखने का निर्देश दिया। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त फंडिंग भी प्रदान की जाएगी ताकि मानसून‑तैयारी लक्ष्य पूरे हो सकें।
राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्य अधिकारियों ने स्थानीय चुनौतियों जैसे पहाड़ी इलाकों में कठिन भूभाग और मजबूत जल निकासी प्रणाली की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। यह समीक्षा मौसमी बरसात से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
इन दौरों से केंद्र सरकार की बुनियादी ढांचे की लचीलापन बढ़ाने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है, जिसका उद्देश्य प्रमुख परिवहन मार्गों को पूरे वर्ष, विशेषकर मानसून के दौरान, सुगम रखना और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देना है।