🔥 ट्रेंडिंग UP Constable’s Death Raises Questions... भागलपुर के पापड़ बाजार में अस्वच्छ सुख... रश्मिका मंडणा ने जापान से दिल से दिया... रनबीर कपूर और अलिया भट्ट ने दिवाली 202... कुमार सानू ने करियर के शिखर पर अंडरवर्... पाकिस्तान ने यू‑19 एशिया कप में भारत क...
09 नव. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
एनआईए उपाध्यक्ष ने देर रात के भोजन को मोटापा‑डायबिटीज़ का कारण बताया, आयुर्वेद को समाधान कहा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vano111ru
स्वास्थ्य

एनआईए उपाध्यक्ष ने देर रात के भोजन को मोटापा‑डायबिटीज़ का कारण बताया, आयुर्वेद को समाधान कहा

✍️ Bhaskar English 🗓 23 सित. 2026, 10:36 AM 👁 64
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के उपाध्यक्ष ने बताया कि देर रात का भोजन और खराब जीवनशैली मोटापा‑डायबिटीज़ को तेज कर रही है, और आयुर्वेद को समाधान बताया।

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) के उपाध्यक्ष ने एक बढ़ते स्वास्थ्य खतरे की ओर इशारा किया, यह कहते हुए कि देर रात का भोजन और निष्क्रिय जीवनशैली मोटापा और डायबिटीज़ के बढ़ते मामलों का मुख्य कारण बन रही है। उन्होंने बताया कि ये आदतें मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं को बाधित करती हैं, जिससे लोगों में दीर्घकालिक रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।

भारत में डायबिटीज़ के रोगियों की संख्या विश्व में सबसे अधिक है, और हालिया सर्वेक्षणों से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों में मोटापा भी तेज़ी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनियमित भोजन समय, उच्च कैलोरी वाला आहार और शारीरिक गतिविधि की कमी इस प्रवृत्ति के प्रमुख कारण हैं।

इन चुनौतियों के मद्देनज़र, एनआईए के अधिकारी ने आयुर्वेदिक सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पारंपरिक आयुर्वेदिक आहार नियम, समय पर भोजन और जड़ी‑बूटीय दवाएँ वजन नियंत्रण और रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखने में मदद कर सकती हैं, बशर्ते जीवनशैली में सुधार के साथ मिलकर उपयोग किया जाए।

यह बयान सार्वजनिक जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर बल देता है, जो सुबह के समय भोजन, संतुलित पोषण और नियमित व्यायाम को प्रोत्साहित करें, और आयुर्वेद को एक पूरक उपाय के रूप में प्रस्तुत करें।
📲Get App