📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prabhat_nhpc
बिज़नेस
NHPC ने अरुणाचल में जलविद्युत परियोजना के लिए 23 लाख पेड़ काटने की वन मंजूरी मांगी
✍️ The Indian Express
🗓 22 अक्टू. 2026, 02:33 AM
👁 15
NHPC ने अरुणाचल प्रदेश में नई जलविद्युत परियोजना के तहत 23 लाख से अधिक पेड़ काटने की अनुमति के लिए वन विभाग को आवेदन दिया है।
राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (NHPC) ने अरुणाचल प्रदेश में एक जलविद्युत परियोजना के लिए 23 लाख से अधिक पेड़ काटने की वन मंजूरी का औपचारिक अनुरोध किया है। राज्य के वन विभाग को प्रस्तुत आवेदन में बांध और संबंधित बुनियादी ढाँचे के निर्माण के लिये आवश्यक वनस्पति हटाने की मात्रा का विवरण दिया गया है।
दाखिल दस्तावेज़ के अनुसार, जलाशय और पहुँच मार्ग बनाने के लिये पेड़ काटना अनिवार्य है, जिससे उत्तर‑पूर्व क्षेत्र में विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। NHPC ने कहा है कि वह सभी कानूनी मानदंडों का पालन करेगा और कानून के तहत निर्धारित पुनर्वनीकरण उपाय भी करेगा।
पर्यावरण संगठनों ने इस हिमालयी राज्य में बड़े पैमाने पर वनों की कटाई को लेकर पहले ही चेतावनी जारी की थी। अब इस मंजूरी के अनुरोध से परियोजना को कड़ी जांच का सामना करना पड़ेगा, जहाँ विकासात्मक लक्ष्यों और वन संरक्षण के बीच संतुलन बनाना आवश्यक होगा।
वन मंजूरी प्रक्रिया का परिणाम तय करेगा कि जलविद्युत परियोजना नियोजित रूप से आगे बढ़ेगी या नहीं, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ क्षेत्र के वन आवरण पर भी प्रभाव पड़ेगा।
दाखिल दस्तावेज़ के अनुसार, जलाशय और पहुँच मार्ग बनाने के लिये पेड़ काटना अनिवार्य है, जिससे उत्तर‑पूर्व क्षेत्र में विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। NHPC ने कहा है कि वह सभी कानूनी मानदंडों का पालन करेगा और कानून के तहत निर्धारित पुनर्वनीकरण उपाय भी करेगा।
पर्यावरण संगठनों ने इस हिमालयी राज्य में बड़े पैमाने पर वनों की कटाई को लेकर पहले ही चेतावनी जारी की थी। अब इस मंजूरी के अनुरोध से परियोजना को कड़ी जांच का सामना करना पड़ेगा, जहाँ विकासात्मक लक्ष्यों और वन संरक्षण के बीच संतुलन बनाना आवश्यक होगा।
वन मंजूरी प्रक्रिया का परिणाम तय करेगा कि जलविद्युत परियोजना नियोजित रूप से आगे बढ़ेगी या नहीं, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ क्षेत्र के वन आवरण पर भी प्रभाव पड़ेगा।