📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / baljinder kang
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एनजीटी ने महराजा कचरा प्लांट को लेकर हिमाचल के मुख्य सचिव और सोलन डीसी को नोटिस जारी किए
✍️ The Tribune
🗓 20 सित. 2026, 06:45 AM
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राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने महराजा कचरा प्लांट में उल्लंघन के आरोपों को लेकर हिमाचल के मुख्य सचिव और सोलन के जिला कलेक्टर को आधिकारिक नोटिस भेजा है।
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित महराजा कचरा प्रसंस्करण संयंत्र के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इस आदेश में राज्य के मुख्य सचिव और सोलन के जिला कलेक्टर को संयंत्र में संभावित पर्यावरणीय उल्लंघनों के संबंध में जवाब देने के लिए बुलाया गया है।
नोटिस में बताया गया है कि एनजीटी यह जानना चाहता है कि क्या इस प्लांट को आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त है और क्या यह आसपास के जल, वायु या मिट्टी को प्रदूषित कर रहा है। अधिकारियों को अब तक किए गए अनुपालन रिपोर्ट, निगरानी डेटा या सुधारात्मक उपायों की जानकारी भी प्रस्तुत करनी होगी।
यह कदम राज्य में कचरा प्रबंधन परियोजनाओं पर बढ़ती नियामक निगरानी को दर्शाता है, जहाँ तेज़ शहरीकरण ने ठोस कचरा निपटान को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब देने के बाद, एनजीटी आगे की कार्रवाई तय करेगा, जिसमें जुर्माना या सुधारात्मक निर्देश शामिल हो सकते हैं।
स्थानीय पर्यावरण संगठनों ने इस हस्तक्षेप का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि प्लांट के संचालन से पास के निवासियों को लंबे समय से चिंता रहती आई है। राज्य सरकार ने अभी तक एनजीटी के नोटिस पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
नोटिस में बताया गया है कि एनजीटी यह जानना चाहता है कि क्या इस प्लांट को आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त है और क्या यह आसपास के जल, वायु या मिट्टी को प्रदूषित कर रहा है। अधिकारियों को अब तक किए गए अनुपालन रिपोर्ट, निगरानी डेटा या सुधारात्मक उपायों की जानकारी भी प्रस्तुत करनी होगी।
यह कदम राज्य में कचरा प्रबंधन परियोजनाओं पर बढ़ती नियामक निगरानी को दर्शाता है, जहाँ तेज़ शहरीकरण ने ठोस कचरा निपटान को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब देने के बाद, एनजीटी आगे की कार्रवाई तय करेगा, जिसमें जुर्माना या सुधारात्मक निर्देश शामिल हो सकते हैं।
स्थानीय पर्यावरण संगठनों ने इस हस्तक्षेप का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि प्लांट के संचालन से पास के निवासियों को लंबे समय से चिंता रहती आई है। राज्य सरकार ने अभी तक एनजीटी के नोटिस पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।