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30 सित. 2026•
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एनजीटी ने राजस्थान के सांभर झील में अतिक्रमण व बोरवेल के आरोपों की जांच का आदेश दिया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Devendrasinghjadav
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एनजीटी ने राजस्थान के सांभर झील में अतिक्रमण व बोरवेल के आरोपों की जांच का आदेश दिया

✍️ Amar Ujala · Jaipur 🗓 30 सित. 2026, 03:15 PM 👁 16
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एनजीटी ने सांभर झील में अतिक्रमण, नमक की क्यारियों और बोरवेल के आरोपों पर नोटिस जारी किया, चार सदस्यीय समिति को छह हफ्तों में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने राजस्थान के सांभर झील के आसपास अतिक्रमण, नमक की क्यारियों और अनधिकृत बोरवेल ड्रिलिंग के आरोपों पर आधिकारिक नोटिस जारी किए हैं। न्यायाधिकरण ने कहा कि इन गतिविधियों से झील के पारिस्थितिक संतुलन को नुकसान पहुंच रहा है और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

इस पर कार्रवाई के तौर पर एनजीटी ने राज्य वन विभाग, जल संसाधन विभाग, झील प्रबंधन प्राधिकरण और एक स्वतंत्र पर्यावरण विशेषज्ञ सहित चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को स्थल पर विस्तृत जांच करने और छह हफ्तों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

सांभर झील, भारत की सबसे बड़ी अंतःस्थलीय नमक वाली झील, प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण आवास और स्थानीय लोगों के लिए नमक उत्पादन का मुख्य स्रोत है। वर्षों से अनियंत्रित विकास के कारण झील को गंभीर दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण की मांग बढ़ी है।

एनजीटी की इस कार्रवाई का उद्देश्य आगे के नुकसान को रोकना और भविष्य में झील के आसपास की सभी गतिविधियों को सतत प्रथाओं के अनुरूप बनाना है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संभावित पुनर्स्थापना परियोजनाओं और मौजूदा पर्यावरणीय नियमों के कड़े प्रवर्तन के कदम उठाए जाएंगे।
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