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स्थानीय
एनजीटी ने जयपुर के 150 कारखानों को 30 दिनों में 2.9 हेक्टेयर वनभूमि खाली करने का आदेश दिया
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 18 सित. 2026, 05:45 PM
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राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जयपुर के लगभग 150 औद्योगिक इकाइयों को 30 दिनों में 2.9 हेक्टेयर वनभूमि खाली करने का आदेश दिया, जिससे भूमि विवाद में नई कसौटी जुड़ी।
राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जयपुर में लगभग 150 कारखानों को 2.9 हेक्टेयर राज्य वन विभाग की भूमि वापस करने का सख्त आदेश दिया है। यह आदेश वन भूमि के अवैध कब्जे को लेकर दायर याचिका के बाद जारी किया गया है और उद्योगों को 30 दिनों के भीतर जमीन खाली करने का समय दिया गया है।
इन भूखंडों को कई वर्षों से कारखानों ने उपयोग किया है, जबकि वे वन आरक्षित क्षेत्र के रूप में सूचीबद्ध हैं। पर्यावरण संगठनों और वन विभाग ने लगातार कहा है कि यह अतिक्रमण वन संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करता है और स्थानीय पारिस्थितिकी को खतरा पहुंचा रहा है।
एनजीटी ने कहा है कि कारखानों को निर्धारित समय तक भूमि को उसकी मूल स्थिति में पुनर्स्थापित करके वन विभाग को सौंपना होगा। अनुपालन न करने पर जुर्माना और इकाइयों के बंद होने जैसे दंड लागू हो सकते हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने इस निर्णय का स्वागत किया, क्योंकि यह तेज़ी से शहरीकरण हो रहे शहर में शेष हरित क्षेत्र की सुरक्षा में मदद करेगा।
इन भूखंडों को कई वर्षों से कारखानों ने उपयोग किया है, जबकि वे वन आरक्षित क्षेत्र के रूप में सूचीबद्ध हैं। पर्यावरण संगठनों और वन विभाग ने लगातार कहा है कि यह अतिक्रमण वन संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करता है और स्थानीय पारिस्थितिकी को खतरा पहुंचा रहा है।
एनजीटी ने कहा है कि कारखानों को निर्धारित समय तक भूमि को उसकी मूल स्थिति में पुनर्स्थापित करके वन विभाग को सौंपना होगा। अनुपालन न करने पर जुर्माना और इकाइयों के बंद होने जैसे दंड लागू हो सकते हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने इस निर्णय का स्वागत किया, क्योंकि यह तेज़ी से शहरीकरण हो रहे शहर में शेष हरित क्षेत्र की सुरक्षा में मदद करेगा।